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दुनिया की सबसे बदनसीब औरत, काला और बेडोल होना जिसका गुनाह

दुनिया की सबसे बदनसीब औरत, काला और बेडोल होना जिसका गुनाह

दक्षिण अफ्रीका की सारा बार्टमैन दुनिया की सबसे बदनसीब औरत मानी जाती है जिसे अपनी पूरी  जिन्दगी में तो कभी चैन मिला है नहीं मरने के बाद उसके शव की भी छीछालेदर की गई.

दक्षिण अफ्रीका में आज के  केपटाउन में जन्मी सारा कबीलाई जाति की जिसकी मां की मौत दो साल  की उम्र में हो गई थी और पिता भी होश सम्भालने के पहले मर गए थे.

उसने एक शादी भी की और उसके एक बच्चा भी हुआ पर उसके पति को भी अश्वेतों को गुलाम बनाने  वाले यूरोपीय आक्रमणकारियों ने मार डाला और उसे गुलाम बनाकर पीटर सीजर के हाथों बेच दिया गया जो उसे केप टाउन ले गया जहां वो उसके भाई के घर में नौकरानी की तरह काम करने लगी.

सीजर बंधुओं का एक दोस्त था विलियम डनलप जिसने सारा में यह बात नोट  की कि उसका शरीर सामान्य औरतोंं से कुछ अलग है और उसके नितम्ब जरूरत  से ज्यादा बड़े हैं.

डनलप ने सारा के मालिक हेनरी सीजर को राजी कर लिया कि वो उसे  इंग्लैण्ड आ जाए जहां वो उसकी प्रदर्शनी लगाकर बहुत कमाई कर सकते हैं और इन लोगों ने साजिशन अनपढ़ सारा से एक दस्तावेज पर दस्तखत भी करा लिए जिसमें कमाई से मामूली रकम के बदले उसकेअपने जिस्म की नुमाइश के लिए तैयार होने की बात लिखी थी.

लंदन पहुंचने पर उसे खाल की रंग के झीने कपड़े पहनाकर बाकायदा उसके शो आयोजित किए जाने लगे जिसमे उससे जानवरों की तरह की हरकतें भी कराई जाती थी.

इतना ही नहींं अमीरो के लिए उसकी बुकिंग उनके घरों पर भी होती थी जहां मेहमान उसे छूकर भी देख सकते थे क्योंकि वो अपेक्षाकृत काफी भारी बदन की थी और पीठ की तरफ से कुछ बेडोल थी और यहीं उसे कुछ नए नाम भी दिए गए जो अपमानजनक थे.

लंदन में उसके प्रदर्शन उसी दौर में किए जा रहे थे जब पूरे इंग्लैण्ड में दास्ता विरोधी अभियान चरम पर था और इंग्लैण्ड में 1807 में दास प्रथा को प्रतिबंधित किया जा चुका था.

कुछ मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने सारा के अमानवीय शोषण के खिलाफ उसके मालिकों को अदालत में भी खींचा पर वहां वो उसका दस्तखत किया हुआ समझौता दिखाकर छूट गए.

लेकिन इसके बाद इन लोगो ने तय किया कि उसे लंदन से हटा दिया जाए और ये लोग उसे 1814 में पेरिस  ले  आए जहां उसे जानवरों की एक सर्कस को बेच दिया गया जिसमें उसे पिजड़े में बंद करके जानवरो की तरह प्रदर्शित किया जाने लगा.

प्रदर्शन के दौरान रिंग मास्टर उसे जानवरों की तरह बैठने और करतब दिखाने के निर्देश देता था और उसे वो करने होते थे साथ ही जानवरो की तरह उसके जिस्म पर कमर के नीचे एक छोटा सा झीना कपड़ा रहता था क्योंकि इसके लिए वो अड़ गई थी.

प्रदर्शन के दौरान उसे सिगार पीने को कहा जाता था और शराब की बोतल दी जाती थी नतीजा यह रहा कि अपने हालात से टूट चुकी सारा ने खुद को सिगरेट और शराब में ही डुबो दिया जो उसे जनवरों की तरह पिंजड़े में ही लेने होते थे.

धीरे धीरे उसके इन शो में भीड़ कुछ कम होने लगी तो जन्तु विशेषज्ञ जार्जेस कुइवर ने उसे शोध का विषय बनाने के लिए सर्कस के मालिकों को पैसे दिए.

अब ये लोग उसकी नस्ल, उसके शरीर पर शोध भी करने लगे पर इस शोध में भी उसने पूरी तरह नग्न होनेे से इंकार कर दिया लेकिन झेलते झेलते आखिरकार मात्र 26 साल की उम्र में 1816 में उसकी मौत हो गई .

लेकिन मौत के बाद भी उसे राहत नहीं मिली और कुइवर ने उसकी लाश को खरीद लिया और उसके जिस्म का माडल बनाकर उसके दिमाग और जनन्द्रियों को जार में और कंकाल को मानव म्यूजियम में रख दिया जहां वे 1974 तक रहे और उनके नीचे लिखा था कि इस स्त्री के पाइवट पार्ट्स बंदर और औरंगउटान जैसे हैं.

जब 1994 मेंं नेलसन मांडेला दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति बने तो उन्होने उसके अंश वतन वापस लाने की पहल शुरु की और तब कहीं जाकर 9 अगस्त 2002 को उसके अवशेष दक्षिण अफ्रीका वापस लाए गए और उन्हें उसके गांव के पास कब्र बनाकर दफनाया गया.

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