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रूस में खोदा गया धरती के छोर तक जाने वाला दुनिया का सबसे गहरा गड्ढा….

रूस में खोदा गया धरती के छोर तक जाने वाला दुनिया का सबसे गहरा गड्ढा….

यूं तो पूरी दुनिया में रोज ही तमाम कारणों से जमीन खोदकर गड्ढे बनाए जातें हैं पर दुनिया का सबसे गहरा गड्ढा दक्षिणी रूस में है जिसकी गहराई 12 किमी से भी ज्यादा है.

इसकी खुदाई 24 मई 1970 को तत्कालीन सोवियत संघ द्वारा एक साइंटिफिक मिशन के तहत यह जानने के लिए शुरू की गई थी जमीन में आखिर कितना गहरा गड्ढा बनाया जा सकता है और इस कोशिश में क्या क्या नई जानकारियां सामने आती हैं.

खुदाई का काम अस्थाई रूप से 1989 में 12 किमी 261 मीटर की खुदाई के बाद रोका गया पर इसे दुबारा चालू नहीं किया गया क्योंकि शायद इसकी जरूरत भी नहीं रह गई थी.

इस गड्ढे को अब कोला बोरहोल के नाम से जानते हैं और इस खुदाई ने इस धारणा को बिलकुल बकवास साबित किया कि पत्थरों में पानी नहीं होता.

खुदाई के दौरान ही सात किमी के बाद धरती की सतह ग्रेनाइट और ऐसे ही मजबूत पत्थरों से बनी हुई मिली पर उनसे लगातार लबालब पानी भी बहता मिला.

यही नहीं खुदाई के दौरान अप्रत्याशित रूप से हीलियम, हाइड्रोजन, नाईट्रोजन और यहां तक कि कार्बन आक्साइड तक जमीन के भीतर मिली जिसके वहां होने का कोई कारण नहीं था पर यह मान लिया गया कि शायद वो भूमिगत जीवाणुओं के कारण पैदा हुई होगी.

हालांकि इस खुदाई का उद्देश्य यह जानना भी था कि जमीन में कितना गहरा गड्ढा खोदा जा सकता है पर इस खुदाई को बंद करने के तमाम कारणों में से एक प्रमुख कारण बड़ा ही अवैज्ञानिक तर्क भी था.

खुदाई के दौरान पैदा हुई तीन सौ सेल्सियस के तापमान के साथ ही यह खौफ भी फैल गया कि अगर खुदाई जारी रही तो नर्क तक पहुंच जाएंगे.

यही नहीं कई लोगों को अजीबो गरीब आवाजें भी सुनाई पड़ने लगीं और इन सबके चलते खुदाई को धातु की प्लेट और नटबोल्टों से स्थाई तौर पर बंद कर दिया गया पर इस सवाल का जवाब अधूरा ही रह गया है कि क्या जमीन के भीतर जाकर हम किसी दूसरी दुनिया तक पहुंच सकते हैं क्योंकि जो खुदाई हुई वो धरती के केंद्र से सतह तक की कुल दूरी का मात्र 0.002 फीसदी ही था.

 

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