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जावेद का तर्क, बुर्का ही क्यों घूंघट भी रोको, करणी सेना आग बबूला

जावेद का तर्क, बुर्का ही क्यों घूंघट भी रोको, करणी सेना आग बबूला

गीतकार जावेद अख्तर ने कहा है कि वो कभी बुर्के या किसी भी तरह की पर्दादारी के पक्ष में कभी नहीं रहे पर इधर जिस तरह से भाजपा प्रत्याशी प्रज्ञा ठाकुर औॅर शिव सेना बुर्के पर रोक लगाने की मांग कर रहे हैं तो उनकी कहना है कि रोक लगे तो सभी धर्मो के लिए एक तरह का कानून बने.

उन्होंने कहा कि अगर बुर्का गलत है तो राजस्थान जैसे राज्यों में जहां महिलाएं लम्बा लम्बा घूंघट निकालती हैं वो ठीक कैसे हो सकता है, इसलिए अगर सरकार बुर्के को रोके तो घूंघट को भी गैर कानूनी घोषित किया जाए.

उधर उनके इस बयान पर राजस्थान की करणी सेना आग बबूला हो गई है और उसके नेताओं ने जावेद से घूंघट के खिलाफ बोलने के लिए माफी मांगने की धमकी देते हुए कहा है कि अगर तुरंत माफी नहीं मांगी तो घर में घुसकर मारेंगे

उन्होंने भाजपा द्वारा आतंकी गतिविधियों में आरोपी प्रज्ञा ठाकुर को टिकट दिए जाने की आलोचना करते हुए कहा कि आखिर कितना नीचे गिरेगी भाजपा और वो भोपाल के लोंगों को क्या समझती है.

जावेद का कहना है कि अगर प्रज्ञा ठाकुर के श्राप में इतनी ताकत है कि वो मुम्बई एटीएस के चीफ हेमंत करकरे को मार सकती है तब तो मोदी सरकार को उनकी इस ताकत का इस्तेमाल हाफिज सईद जैसों के खिलाफ करना चाहिए.

उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष चौकीदार चोर है के नारे की निन्दा करते हुए कहा कि वो इस तरह की भाषा के पक्ष में खड़े नहीं हो सकते और न ही इन चुनावों को मोदी और राहुल गांधी के बीच बताने को ठीक कह सकते हैं कि क्योकि चुनाव केवल इन दो नेताओं के नाम से कैसे पहचाना जा सकता है क्योंकि हमारी चुनाव प्रणाली राष्ट्रपति पद्यति पर आधारित नहीं है जहां पहले राष्ट्रपति चुन लो और बाकी काम उस पर छोड़े दो.

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