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नमो टीवी  पर चुनाव आयोग सख्त,  क्यों झूठ बोल रही है भाजपा ?

नमो टीवी पर चुनाव आयोग सख्त, क्यों झूठ बोल रही है भाजपा ?

बिना जरूरी मंजूरी लिए सरकार की नाक के नीचे चल रहे नमों टीवी को लेकर भाजपा जहां लगातार झूठ बोल रही है वहीं चुनाव आयोग ने भी सख्त रुख अपना लिया है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और भाजपा के प्रचार के लिए समर्पित इस चैनल के बिना जरूरी औपचारिकताएं पूरी किए आन एयर होने पर जब विपक्षी दलों ने एतराज किया तो भाजपा ने यह कहकर सारे सवालों को खामोश करने की कोशिश की ये उसके विज्ञापनों का प्लेटफार्म है कोई चैनल नहीं जिसे डीटीएच के जरिए प्रसारित किया जा रहा है जिसके लिए लाइसेंस की जरुरत नहीं है.

बाकायदा टाटा स्काई से भी बयान जारी करवाकर यह कहलवाया गया कि ये चैनल नहीं एड प्लेटफार्म है जबकि इस चैनल पर न सिर्फ दूसरे चैनलों की तरह नीचे घड़ी चलती है बल्कि खबरों का टिकर यानी फ्लैश करती हुई खबरें चलती है जैसे दूसरे न्यूज चैनलों पर.

इस सफाई के बाद नमो टीवी के खिलाफ शोर कुछ समय के लिए थम जरूर गया पर इसके बाद हुई तहकीकात से खुलासा हो गया है ये चैनल बाकायदा सेटेलाइट चैनल है और अप लिंकिंग के लिए ये सेटेलाइट का इस्तेमाल करता है.

दुनिया भर में टीवी और रेडियो चैनलों द्वारा सेटेलाइटों की अपलिंकिंग का ब्योरा रखने वाली वेबसाइट के भारतीय पेज पर नमों टीवी का जिक्र है और इसकी फ्रीक्वेंसी का जिक्र करते हुए यह भी दर्ज है कि ये एन एसएस छह सेटेलाइट का इस्तेमाल कर रहा है जबकि उसके पास किसी भी सेटेलाइट को इस्तेमाल करने का लाइसेंस होना तो दूर उसने इसके लिए आवेदन तक नहीं किया है.

बहराल चुनाव आयोग ने भी यह मानकर कि ये भाजपा के विज्ञापन का प्लेटफार्म है दिल्ली के मुख्य चुनाव अधिकारी को नोटिस जारी करके पूछा है कि इस चैनल पर जो भी विज्ञापन दिखाए जा रहे हैं वो क्या चुनाव आयोग से मंजूर कराए गए हैं क्योंकि ऐसा करना प्रसारित होने से कम से कम तीन दिन पहले जरूरी है .

इसके साथ ही चुनाव आयोग ने ये भी निर्देश दिए हैं कि चुनाव अधिकारी ये भी रिपोर्ट दे कि ये विज्ञापन किन किन प्रत्याशियों की मदद करते हैं और क्यों न इन्हेें भाजपा के चुनाव खर्च में जोड़ दिया जाए.

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