Share
मध्य प्रदेश में 42 लाख हैक्टेयर सरकारी जमीन गायब….

मध्य प्रदेश में 42 लाख हैक्टेयर सरकारी जमीन गायब….

मध्य प्रदेश से एक चौकाने वाली खबर ये आई है कि वहां 42 लाख हैक्टेयर से ज्यादा की सरकारी जमीन गायब है या गायब कर दी है.

राज्य की नौकरशाही में तूफान लाने वाली इस खबर को जब दबाना सम्भव नहीं रहा तो राज्य के राजस्व विभाग को इसे लेकर एक श्वेत पत्र जारी करना पड़ा है जिसमें माना गया है कि राज्य सरकार को जमीन को लेकर तंगहाल करने वाली साजिश के तहत सुनियोजित तरीके से इतनी बड़ी जमीन गायब कर दी गई है और अब यह पता भी नहीं चल रहा कि ये जमीन आखिर कहां थी क्योंकि इसे लेकर कोई भी रिकार्ड राज्य सरकार के पास नहीं हैं.

प्रदेश   में  गायब हुई जमीन में से 65 हजार हेक्टेयर तो केवल भोपाल में थी जिसका कोई भी रिकार्ड अब नहीं है.

जमीन के सरकारी रिकाॅर्ड  गायब होने का  सिलसिला प्रदेश में  वर्ष 1980 से 2000 के बीच चला का बताया जा रहा है, जिसमें शहडोल, सीधी, शिवपुरी, बालाघाटा और छिंदवाड़ा में सबसे ज्यादा कोई पांच लाख हैक्टेयर जमीनें गायब हुई हैं.

शहडोल की बात करें तो वर्ष 1980 से पहले यहां सरकारी जमीन करीब 13 लाख 55 हजार 066 हेक्टेयर थी, जो वर्ष 2000 में घटकर मात्र 6 लाख 44 हजार 964 हेक्टेयर ही रह गई है, यानी  5 लाख 41 हजार 042 हेक्टेयर जमीन का ही सरकारी रिकाॅर्ड उपलब्ध है.

इसी तरह सीधी में 3 लाख 62 हजार 030 हेक्टेयर, शिवपुरी में 3 लाख 12 हजार 200 हेक्टेयर, बालाघाट में 2 लाख 28 हजार 322 हेक्टेयर, छिंदवाड़ा में 2 लाख 16 हजार 560 हेक्टेयर और सतना में 2 लाख 3 हजार 485 हेक्टेयर सरकार जमीन गायब है.

सागर में 407 हेक्टेयर, उज्जैन में 663 हेक्टेयर और देवास में 985 हेक्टेयर जमीन गायब है, जबकि होशंगाबाद और विदिशा में जमीन का रिकाॅर्ड सही पाया गया है.

यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि अधिकारियों ने मोटी रकम लेकर कहीं जमीन भू-माफियाओं को तो नहीं दे दी.

फिलहाल  गायब हुई सरकारी जमीनों  का पता लगाने के लिए अभियान चलाया जा रहा है और सभी जिलों के कलेक्टरों को पत्र लिखा गया है कि   सभी तहसीलों में दस दिन के अंदर रिकार्डों में मौजूद सरकारी जमीन का सत्यापन करके सरकार को सूचित करे ताकि अब आगे की रणनीति तय की जा सके.

Spread the love

Leave a Comment