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सुप्रीम कोर्ट ने पलटा फैसला, अब एससीएसटी एक्ट में तुरंत गिरफ्तारी सम्भव

सुप्रीम कोर्ट ने पलटा फैसला, अब एससीएसटी एक्ट में तुरंत गिरफ्तारी सम्भव

सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल दिए गए अपने फैसले को बदलते हुए अनुसूचित जाति जनजाति कानून के तहत फिर से मुकदमा दर्ज होते ही गिरफ्तारी किए जाने का प्रावधान बहाल कर दिया है.

उल्लेखनीय है कि पिछले साल सुप्रीम कोर्ट की दो जजों की बेंच ने इस कानून के तहत तुरत गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी पर केंद्र सरकार की पुनर्विचार याचिका पर तीन जजो की बेंच ने पुराने प्रावधान को ही फिर से बहाल कर दिया गया है.

जस्टिस अरुण मिश्रा, जस्टिस एम आर शाह और जस्टिस बी आर गवई की पीठ ने कहा कि इस वर्ग के लोगों को अभी भी बराबरी का हक पाने के लिए देश के तमाम हिस्सों में संघर्ष करना पड़ रहा है और जो लोग इस कानून के तहत फर्जी मुकदमें दाखिल किए जाने की बात कर रहे तो ऐसे मुकदमें जाति व्यवस्थाओं के कारण नहीं बल्कि मानवीय विफलताओं के कारण दर्ज होते हैं.

पीठ ने सर्वोच्च  न्यायालय के इस फैसलेे को भी बदल दिया है कि इस कानून के तहत एफआईआर पुलिस की प्राथमिक जांच के बाद दर्ज की जाए.

नए निर्देशों के अनुसार अब इस कानून के तहत उत्पीड़न होने पर इस तबके के लोग पहले की तरह बिना किसी बाधा के मुकदमा दर्ज करा सकेंगें.

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