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सुप्रीम कोर्ट की राय, आडवाणी -जोशी  कल्याण सिंह के खिलाफ फैसला सुनाकर ही रिटायर हों जज

सुप्रीम कोर्ट की राय, आडवाणी -जोशी कल्याण सिंह के खिलाफ फैसला सुनाकर ही रिटायर हों जज

सुप्रीम कोर्ट ने यूपी सरकार से पूछा है कि बाबरी मस्जिद विध्वंस मामलें की सुनवाई करने वाले जज का कार्यकाल छह महीने और बढ़ाने के लिए क्या प्रक्रिया अपनाई जा सकती है ताकि वो इस मामले में वरिष्ठ भाजपा नेता लाल कृष्ण आडवाणी और मुरलीमनोहर जोशी समेत अन्य नेताओं के खिलाफ फैसला सुनाकर ही रिटायर हों.

शीर्ष अदालत ने इस मामले में यूपी सरकार से 19 जुलाई तक अपनी राय और स्थिति स्पष्ट करने को कहा है ताकि मामले की अगली सुनवाई जस्टिस आर एफ नरीमन की अध्यक्षता वाली कोर्ट में अगले शुक्रवार को की जा सके.

उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2017 को सर्वोच्च न्यायालय के जस्टिस पीसी घोष और आर एफ नरीमन की बेंच ने आडवाणी, जोशी, उमा भारती सहित 13 अन्य अभियुक्तों पर बाबरी मस्जिद के विध्वंस की साजिश रचने के आरोप फिर से बहाल करते हुए विशेष  अदालत को इसकी हर दिन सुनवाई करके दो साल में फैसला सुनाने के निर्देश दिए थेय

इन सभी अभियुक्तों को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने दोषमुक्त कर दिया  था जिसके खिलाफ सीबीआई ने सर्वोच्च न्यायालय में अपील दायर की थी जिसपर फैसला सुनाते हुए सुप्रीम कोर्ट ने फिर से सुनवाई करने के निर्देश दिए थे.

यही नहीं सुप्रीम कोर्ट ने  इसी मामले मेंं रायबरेली कोर्ट में चल रहे मुकदमे को भी लखनऊ कूी सीबीआई कोर्ट में स्थानांतरित करते हुए अदालत को यह भी निर्देश दिए थे कि इसी मामले के एक अभियुक्त पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह पर अभी राज्यपाल होने के नाते भले ही मुकदमा न चलाया जा सकता हो पर जैसे ही वो पद से रिटायर होते हैं उनके खिलाफ भी अन्य की  ही तरह अभियुक्त मानकर कार्रवाई की जाए.

इसी मामलें की सुनवाई कर रहे सीबीआई अदालत के विशेष न्यायाधीश ने सुप्रीम कोर्ट   को आज बताया है कि इस मामले में अंतिम नतीजे तक पहुंचने के लिए उन्हें अभी छह महीने का समय और लगेगा जबकि इसी बीच उनके 30 सितम्बर को वे अवकाश ग्रहण कर लेगे.

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