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नाम के आगे चौकीदार न लगाने की सजा मिली लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को

नाम के आगे चौकीदार न लगाने की सजा मिली लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को

मध्य प्रदेश की इंदौर सीट को लगातार आठ बार भाजपा के ही टिकट जीतने वाली मौजूदा लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन को भी इस बार अपनी पार्टी से खासे तल्ख अनुभव उठाने पड़ रहे हैं और पार्टी न तो उन्हें अब टिकट दे रही है और न ही टिकट देने से साफ इंकार कर रही है.

दरअसल कुछ लोग कह रहे हैं कि सुमित्रा महाजन भी उन गिने चुने लोगों में हैं जिन्होंने मोदी की अपील के बाद भी अपने नाम के आगे चौकीदार नहीं लगाया है.

वैसे 2014 का चुनाव इसी सीट से सुमित्रा महाजन ने साढ़े चार लाख से ज्यादा वोटों से जीता था वो भी तब जब इससे पहले का 2009 का चुनाव वो किसी तरह बमुश्किल नौ हजार वोटों के अंतर से जीत सकीं थीं.

तब उनकी इस जीत को किसी आश्चर्च से कम नहीं माना गया था और लगातार चार दशको से एक ही सीट से सांसद रहने वाली इस महिला नेता को इसी आधार पर लोकसभा अध्यक्ष की कुर्सी भी दी गई थी.

लेकिन भाजपा के मौजूदा हाकिमों की नजरों में सुमित्रा महाजन की बढ़ती उम्र अब अखर रही है क्योंकि वो अगल महीने 76 साल की हो रही हैं लेकिन चुनाव लड़ने के लिए वे इतनी लालायित हैं कि भाजपा की एक मीटिंग में तो उन्होंने ये भी कह दिया था कि इंदौर सीट भाजपा की पक्की है क्योंकि इस बार भी या तो इस सीट से वो ही चुनाव लड़ेंगी या फिर मोदी जी.

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