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राहत इंदौरी के नाम से मोदी पर फूहड़ शेर, ट्विटर पर हंगामा

राहत इंदौरी के नाम से मोदी पर फूहड़ शेर, ट्विटर पर हंगामा

किसी  ने प्रधानमंत्री  के लिए लिखे गए एक  फूहड़  शेर को  अहमियत  दिलाने के  लिए उसे राहत  इंदौरी का  बताकर ट्विटर पर  पोस्ट कर  दिया और उसके बाद भाजपा समर्थकों  की ओर  से इस बड़े शायर को  कोसने और  धमकाने  का  जो  सिलसिला शुरु हुआ उसने  तो  हदें ही पार कर दी.

जानकारी मिलते  ही राहत इंदौरी ने ट्विटर  पर तुरंत सफाई दी  कि  इतना घटिया  शेर उनका नहीं है और  किसी ने बदमाशी  की है लेकिन लगता  है कि इस  शायर से चिढ़े बैठे कुछ लोग  उतारु थे कि वो इसे मसले को खत्म ही नहीं होने देंगे.

राहत  इंदौरी ने एक ईमेल देकर  ये  भी सफाई  दी  कि  अगर किसी  को  कोई गफलत हो तो वो इस मेल पर शेर डालकर पूछ सकता  है कि यह उनका  है या नहीं  पर इस  तरह से  स्तरहीन शेर उनके नाम से तो न डाले  क्योंकि इस स्तर  की शायरी   वो करते ही नहीं.

लेकिन कुछ लोग कहां मानने वाले थे इनमें से एमसी  गौतम  ने तो  यहां तक  लिख  दिया  कि राहत हाथी के पांव  के नीचे कुचलकर मारे जाओगे जिसका जवाब राहत ने यह लिखकर दिया कि  फिर भी मैं  सच ही बोलूंगा.

बहरहाल इसक बाद राहत इंदौरी के समर्थन में भी तमाम लोग ट्विटर पर सक्रिय हो गए और कुछ ने उनके शेरों के साथ इस बात को मानने से इंकार किया कि यह शेर राहत का है.

लोगों  का  कहना था   कि भाई चारे की बात करने वाले इस  शायर की भाषा उसे पसन्द करने वाले जानते हैं इसलिए कोई इस तरह की साजिशों से कन्फ्यूज हो ही नहीं सकता.

बहराल जिस शेर को  लेकर ट्विटर  पर इतना हंगामा मचा वह था–

कभी गंगा बुला रही है, कभी गोमती बुला रही है।

अहमदाबाद लौट जा नालायक, तेरी बीबी बुला रही है।।

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