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समलैंगिक गोडसे और सावरकर में शारीरिक सम्बन्ध थेः कांग्रेस का दावा

समलैंगिक गोडसे और सावरकर में शारीरिक सम्बन्ध थेः कांग्रेस का दावा

कांग्रेस सेवादल द्वारा भोपाल में आयोजित किए गए दस दिवसीय प्रशिक्षण शिविर मेें बांटी गई ‘वीर सावरकर, कितने वीर’ किताब में दावा किया गया है कि सावरकर और नाथूराम गोडसे न सिर्फ समलैंगिक थे बल्कि दोनों के बीच शारीरिक सम्बन्ध भी थे.

यही नहीं इस किताब में इस बात को फिर दोहराया गया है कि सावरकर ने जेल से बाहर आने के लिए न सिर्फ अंग्रेजों से माफी मांगी थी बल्कि खुलेआम भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की पीठ में छुरा घोंपा था.

इस किताब में डॉमिनिक लैपिएर और लैरी कॉलिन की पुस्तक ‘फ्रीडम एट मिडनाइट’ के हवाले से कहा गया है कि  “ब्रह्मचर्य अपनाने  से पहले नाथूराम गोडसे के एक ही शारीरिक संबंध का ब्योरा मिलता है जिनसे पता चलता है कि वो समलैंगिक  था और उसका  पार्टनर उसका राजनैतिक गुरु सावरकर ही था.

किताब में सावरकर पर 12 साल की उम्र में ही मस्जिद मे पत्थर फेंकने और अपनी किताब ‘सिक्स ग्लोरियस एपोक्स ऑफ इंडियन हिस्ट्री’  में बलात्कार को विरोधियों के खिलाफ राजनैतिक हथियार बताने का भी जिक्र किया गया है साथ ही इस किताब में सीता के अपहरण को लेकर राम और सीता पर की गई सावरकर की टिप्पणियों का भी उल्लेख किया गया है.

फिलहाल इस किताब ने न सिर्फ भाजपा को बल्कि अब महाराष्ट्र में कांग्रेस की साथी शिव सेना को भी भड़का दिया है और उसके नेता संजय राउत ने कांग्रेस से महान सावरकर के बारे मेंं कोई आपत्तिजनक बात न कहने की अपील की है तो व्यथित केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि कांग्रेस की नजर में तो जिन्ना अच्छे नेता थे और वो जल्दी ही उनकी शान में कसीदे पढ़ेगी.

उधर हिन्दू महासभा के अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने राहुल गांधी को ही समलैंगिक बताते हुए बयान जारी कर दिया है.

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