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मिलिए ब्लैक बेल्ट होल्डर राहुल गांधी या राउल विंसी से

मिलिए ब्लैक बेल्ट होल्डर राहुल गांधी या राउल विंसी से

अपने निजी जीवन को लेकर राहुल गांधी कुछ इस हद तक खामोश रहते हैं कि भाजपा के लोग खासकर सुब्रहमण्यम स्वामी और अरुण जेटली तक जो अनाप-शनाप प्रचारात्मक दावे करते रहते हैं उनकी भी वो जबाव नहीं देते जबकि उन्हें निश्चित रूप से ऐसा करना चाहिए.

ऐसा ही एक प्रचार उन्हें लेकर अकसर सोशल मीडिया में भी ये किया जाता है कि वो इसाई है और उनका नाम राहुल गांधी नहीं राहुल विंसी है तो इस प्रचार मे आधी बात सही है आधी गलत.

यह गलत है कि राहुल गांधी ईसाई हैं पर ये सही है कि उनका एक नाम राउल विंसी भी है जो उन्होंने परिवार की मर्जी से विदेश में अपनी पहचान छिपाने के लिए रखा था और कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी अब यब प्रमाणित भी कर चुका है अरुण जेटली या सुब्रहमण्यम स्वामी राहुल गांधी की शैक्षिक योग्यता को लेकर जो भी सवाल उठा रहे हैं वो बेबुनियाद हैं.

दरअसल राहुल गांधी ने अपनी शुरूआती स्कूली पढ़ाई तो नई दिल्ली के सेंट कोलंबस स्कूल और देहरादून में दून स्कूल में की पर इंदिरा गांधी के पोते होने के कारण सुरक्षा कारणों से वो ज्यादातर पढ़ाई घर पर ही करते रहे.

कालेज की पढ़ाई करने के लिए उन्होंने 1989  में दिल्ली का सेंट स्टीफेंस कालेज ज्वाइन किया पर फिर सुरक्षा कारणों से एक साल बाद ही वो अमेरिका की हावर्ड यूनिवर्सिटी चले गए लेकिन 1991 में पिता राजीव गांधी की हत्या के बाद उन्हें फिर हावर्ड से भी अमेरिका के फ्लोरिडा स्थित रॉलिंस कॉलेज में शिफ्ट कर दिया गया जहां से उन्होंने 1994 में बी.ए. की डिग्री ली.

इसी कालेज में राहुल गांधी ने सुरक्षा कारणों से अपने नाम से गांधी हटाकर विंसी रख लिया और वे राहुल से राउल भी हो गए लेकिन फिर 1994-95 में कैंम्ब्रिज यूनिवर्सिटी के ट्रिनिटी कॉलेज में डेवलपमेंटल इकोनॉमिक्स के वे छात्र रहे और 1995 में डेवलपमेंट स्टडीज में एम. फ़िल. किया .

सुब्रह्मण्यम स्वामी भले ये दावा करते रहें कि राहुल गांधी ने राउल विंसी के नाम से 2004-05 में एम फिल करने की कोशिश की थी पर वे नेशनल इकोनामिक एंड प्लानिंग विषय में फेल हो गए और अपनी बात के पक्ष मेंं पिछले दिनों उन्होंने ट्विटर पर एक कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी का एक सर्टिफिकेट भी शेयर किया था जिसमें राहुल गांधी को एक पेपर में 58 फीसदी अंक मिलने पर फेल बताया गया था क्योंकि वहां पास करने के लिए न्यूनतम साठ फीसदी अंक जरूरी हैं.

दूसरी ओर राहुल गांधी ने खुद अपने 2014 के चुनावी हलफनामें कहा था कि उन्होंने 1995 में एमफिल किया है और अगर ये बात गलत है तो स्वामी निश्चित रूप से शैक्षिक योग्यता की गलत जानकारी देने के आधार पर राहुल गांधी का नामाकन रद्द कराने के लिए मुकदमा शुरु कर चुके होते.

दूसरी ओर अरुण जेटली अपने ब्लाग और फेसबुक पेज पर लिखते हैं कि राहुल गांधी ने बिना एम ए किए कैसे एम फिल कर लिया यानि एम फिल का दावा गलत है जबकि सच्चाई यह है कि कैम्ब्रिज में ग्रेज्युएशन के बाद कोई भी एम फिल कर सकता है मास्टर्स डिग्री की जरुरत नहीं होती और ऐसा तो सम्भव नहीं हैं कि अरुण जेटली ये सच न जानते हों पर फिर भी भ्रम फैलाना शायद राजनीतिक रूप से ठीक बैठता होगा.

इससे उलट कैम्ब्रिज से पढ़ाई करने वालों का नाम उनके यहां रेड बुक में होता है और इसमें राहुल गांधी का नाम  “VINCI, Rahul T MPHIL95” के रूप में दर्ज है जिसमें टी का मतलब ट्रिनिटी कालेज जहां से उन्होने पढ़ाई की है.

बहुत कम ही लोग जानते हैं कि राहुल गांधी जापानी मार्शल आर्ट आईकोडो में ब्लैक बेल्ट होल्डर हैं और इसका वे अब भी अभ्यास करते हैं और यह उनकी फिटनेस का बड़ा कारण भी है.


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