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इतना आसान भी नहीं है मार्क जुकरबर्ग का कद फेसबुक में घटाना

इतना आसान भी नहीं है मार्क जुकरबर्ग का कद फेसबुक में घटाना

न्यूयार्क टाइम्स की एक खोजी रिपोर्ट के बाद  इंटरनेट के सबसे बड़े सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक के सीईओ  और अध्यक्ष मार्क जुकरबर्ग पर अपना पद छोड़ने का दबाव इस समय भले ही बहुत बढ़ गया हो पर उन्हें हटा पाना इतना भी आसान नहीं है.

उल्लेखनीय है कि निवेशको के दबाव में आज शाम फेसबुक से सिर्फ यह बयान आया है कि कम्पनी की चीफ आपरेटिंग अफसर शेरिल सैन्डबर्ग कुछ समय के लिए मुख्य कार्यकारी अधिकारी यानि सीईओ की जिम्मेदारी सम्भालेंगी.

लेकिन यह अभी भी साफ  नहीं है कि यह व्यवस्था कितने दिनों के लिए और न ही इस बारे में कोई और सफाई दी गई है.

बताते हैं कि अध्यक्ष की हैसियत से फेसबुक के 87 फीसदी शेयर ंमार्क जुकरबर्ग के पाास हैं यानि वो तभी हटेगे जब वो खुद चाहे पर इतना जरुर है कि कैम्ब्रिज लीक मामले में पहले ही सौ खरब का कारोबारी नुकसान झेल चुकी फेसबुक इस समय  एक और बड़े संकट और दबाव मेंं फंस  चुकी है.

फेसबुक की एक भागेदार कम्पनी अमेरिका की ट्रिलियम एसेट  मैनेजमेंट के  उपाध्यक्ष जोनस क्रान ने बीती रात जुकरबर्ग को फोन करके कहा है कि उन्हें कम्पनी का  अध्यक्ष पद छोड़ देना चाहिए क्योंकि कम्पनी ठीक  से चले इसके लिए अध्यक्ष और सीईओ के पद पर अलग अलग लोगों का होना जरुरूी है.

न्यूयार्क टाइम्स की  रिपोर्ट में कहा गया है कि फेसबुक ने रिपब्लिकन के स्वामित्व वाली राजनीतिक कंसल्टेंसी और पी.आर. कंपनी से एग्रीमेंट किया है जो अपने विरोधियों  के खिलाफ फेसबुक का इस्तेमाल कर रही है और इसी कम्पनी का  इस्तेमाल अमेरिकी चुनाव में रूसी दखलंदाजी से हुई बदनामी पर पर्दा डालने के लिए भी किया गया था.

लेकिन मार्क जुकररबर्ग ने इस बात से इंकार किया है कि इस तरह की कम्पनी अब फेसबुक के साथ जुड़ी है.

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