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ईवीएम बदलने की कोशिशों से हड़बड़ाया विपक्ष, प्रणब ने भी कहा, यह चिन्ताजनक

ईवीएम बदलने की कोशिशों से हड़बड़ाया विपक्ष, प्रणब ने भी कहा, यह चिन्ताजनक

एक्जिट पोल के नतीजे अपने पक्ष में प्रचारित कराने के बाद विपक्षी दलों में इन आशंकाओं से जबरदस्त घबड़ाहट मची हुई है कि भाजपा सत्ता का इस्तेमाल करके यूपी- बिहार समेत बड़े पैमाने पर पूरे देश में ईवीएम बदल सकती है.

इसे लेकर पूरे देश में  विपक्षी दलों के नेताओं की जहां ईवीएम की सुरक्षा में लगे अधिकारियों से झड़पें होने की खबरें आ रही है वहीं यूपी और बिहार के कुछ इलाकों से ईवीएम से लदे ट्रक पकड़े जाने की खबरों का भी दावा किया गया जो स्ट्रांग रूम में रखे ईवीएम बदलने के लिए भेजे गए हैं.

यूपी के  चंदौली और गाजीपुर से भी ईवीएम बदले जाने के आरोप सामने आए हैं जबकि गाजीपुर में महागठबंधन के प्रत्याशी अफजाल अंसारी का इसे लेकर स्थानीय एसडीएम से झगड़ा होने की खबरें भी आई हैं.


वहीं चंदौली में सोमवार शाम  करीब डेढ़ सौ ईवीएम से लदा एक ट्रक  वहां उस स्ट्रांग रूम के पास पहुंच गया जहां ईवीएम रखी हुई हैं पर सूचना पाकर इसे कांग्रेस  समेत दूसरे दलों के कार्यकर्ताओं ने पकड़ लिया.

चंदौली जिला कांग्रेस कमेटी  ने एक वीडियो भी शेयर किया है जिसमें अंतिम चरण के मतदान के अगले दिन यानि 20 मई को एक ट्रक से उतारकर ईवीएम उसी जगह रखे जा रहे हैं जहां मतदान के बाद ईवीएम रखे गए हैं.

 

उधर नवजीवन के अनुसार चंदौली के जिला कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह  का आरोप है कि जब उन्होंने और गैर भाजपा दलों के कोई करीब 400-500 कार्यकर्ताओं  ने हंगामा किया तब वहां के जिलाधिकारी ने बाद में आई इन ईवीएम को आपने जिलाधिकारी कार्यालय में शिफ्ट किया.

डुमरियागंज से भी बसपा प्रत्याशी आफताब आलम  आरोप है कि प्रशासन ने 14 मई को  स्ट्रॉन्ग रूम से  दो गाड़ियों  मेंं भरकर ईवीएम निकालने की कोशिश की और इन दोनों गाड़ियों पर नंबर प्लेट भी नहीं थी पर गठबंधन के कार्यकर्ताओं के जबरदस्त विरोध के बाद इन ईवीएम को वापस रख दिया गया.

हरियाणा के फतेहाबाद से भी ऐसी ही खबरें आई  है जहां  ईवीएम स्ट्रॉन्ग रूम में  संदिग्ध ट्रक पहुंच गया पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने  इसका पीछा किया और हंगामा होने पर अधिकारी  और ट्रक को  भाग खड़े हुए.

वहीं बिहार के सारण और महाराजगंज में भी ऐसे ईवीएम लदे ट्रक घूमने की जानकारी राष्ट्रीय  जनता दल ने एक ट्वीट के जरिए दी है.

उधर पूर्व  राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने इस स्थिति को देश और लोकतंत्र के लिए चिन्ता जनक बताया है.

 

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