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सुप्रीम कोर्ट में जम्मू-कश्मीर पर चौतरफा घिरी मोदी सरकार

सुप्रीम कोर्ट में जम्मू-कश्मीर पर चौतरफा घिरी मोदी सरकार

सुप्रीम कोर्ट में जम्मू-कश्मीर को लेकर मोदी सरकार के लिए आज का दिन अच्छा नहीं माना जा सकता क्योंकि शीर्ष अदालत ने एक के बाद एक ऐसे फैसले लिए जो केंद्र सरकार को नागवार लग सकते हैं.

सुप्रीम कोर्ट ने न सिर्फ कांग्रेस नेता और राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद और माकपा नेता मोहम्मद युसुफ तरगमी को कश्मीर जाने की इजाजत दे दी बल्कि नजरबंदी में चल रहे पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अबदुल्ला की पेश करने का याचिका पर केंद्र सरकार से जवाब भी तलब किया है.

सुप्रीम कोर्ट ने न सिर्फ केंद्र और राज्य सरकार को जम्मू और कश्मीर में पहले की तरह सामान्य स्थिति जल्दी से जल्दी बहाल करने को कहा है कि बल्कि देश के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने जम्मू कश्मीर हाईकोर्ट की चीफ जस्टिस गीता मित्तल से इस बारे में लिखित जवाब मांगा है कि नए बंदिशों के कारण लोगों का हाईकोर्ट तक पहुंचना हो पा रहा है या नहीं.

मुख्य न्यायाधीश ने यह बात तब कही जब राज्य के बच्चो के सरकारी उत्पीड़न पर दायर याचिका पर वकील का कहना था कि वो इस मामले को वो हाईकोर्ट मे  इसलिए नहीं उठा पा रहे हैं क्योंकि सरकारी नाकेबंदी से वहां तक पहुंचना सम्भव ही नहीं रह गया है.

इस पर न्यायाधीश ने कहा कि यह गम्भीर मामला है और वे खुद भी जम्मू कश्मीर जाकर वहां की चीफ जस्टिस से बात करेगें पर याचिकाकर्ता की बात अलग गलत साबित हुई को उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

उल्लेखनीय है कि इस पीआईएल में आरोप लगाया गया है कि 18 साल से कम उम्र के तमाम बच्चों को सुरक्षा बलों ने उठा लिया है और उनकी पिटाई की जा रही है.

उधर सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद को कश्मीर जाकर दिहाड़ी मजदूरों समेत लोगो से मिलने और बातचीत करने की इजाजत दे दी है जबकि इससे पहले उसी राज्य के रहने वाले आजाद को श्रीनगर हवाई अड्डे से वापस दिल्ली भेज दिया गया था और उन्हें अपने घर तक जाने की इजाजत नहीं दी गई थी.

इसके साथ ही माकपा नेता युसुफ तारगमी को भी जम्मू कश्मीर लौटने की इजाजत दे दी गई है.

एक अन्य मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नजरबंदी में चल रहे जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारुख अब्दुल्ला को पेश किए जाने और उन्हें एक कार्यक्रम में तमिलनाडु जाने की इजाजत दिए जाने को लेकर एमडीएमके नेता वाइको की याचिका पर एक सप्ताह मे केंद्र सरकार से उसका पक्ष पूछा है.

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