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अयोध्या की अविवादित जमीन  पर निर्मोही  अखाड़े का दावा, न्यास  को झूठा बताया

अयोध्या की अविवादित जमीन पर निर्मोही अखाड़े का दावा, न्यास को झूठा बताया

निर्मोही अखाड़े ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करके अयोध्या मे मंदिर परिसर की अविवादित भूमि राम जन्म भूमि न्यास को दिए जाने का विरोध करते हुए ऐसी ज्यादातर जमीन पर अपना दावा ठोंक दिया है.

निर्मोही अखाड़े की तरफ से कहा गया है कि 1991 में इस परिसर में 12 बड़े मंदिर तोड़े गए थे और उनमें से सभी अखाड़े थे जिसके खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका भी दाखिल की गई थी जिसे तब खारिज कर दिया गया था और उसके बाद उस कार्रवाई को कोई चुनौती नहीं दी गई.

अखाड़े का कहना है कि मौजूदा केंद्र सरकार 2.77 एकड़ की अविवादित भूमि को छोड़कर पूरी जमीन अधिग्रहण के पहले के उसके मालिको को लौटाने के लिए भले ही अदालत से इजाजत चाहती हो पर उसकी नीयत सारी जमीन राम जन्म भूमि न्यास को देने की है जो पूरी जमीन का असली मालिक है ही नहीं.

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