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सारी साइंस फेल, छोटे सितारे का चक्कर लगा रहा है एक बड़ा ग्रह

सारी साइंस फेल, छोटे सितारे का चक्कर लगा रहा है एक बड़ा ग्रह

वैज्ञानिक परेशान हैं कि और कतई समझ नहीं पा रहे हैं कि एस्ट्रोनॉमी और भौतिकी के सारे सिद्धांतों को फेल करते हुए आखिर एक बड़ा ग्रह अपने से कहीं छोटे सितारे का चक्कर क्यों लगा रहा है.

अब तक तो यही माना जाता था कि बड़े सितारे में गुरुत्व बल ज्यादा होते है इसलिए छोटे ग्रह उसका चक्कर लगाते हैं हालांकि इसके साथ भौतिकी के कई और सिद्धांत भी फिट हो जाते हैं पर सारे सिद्धांत मिलकर भी सितारे और ग्रह के बीच बनने वाला यह रिश्ता तोड़ नहीं पाते.

लेकिन हाल ही में अंतरिक्ष वैज्ञानिकों ने अपने सौर मंडल के बाहर एक ऐसा भी तारों और ग्रहों का समूह पाया है जिसमें हमारे वृहस्पति जैसे सबसे बड़े ग्रह के लगभग आधे आकार का एक ग्रह अपने से कहीं छोटे तारे की परिक्रमा कर रहा है.

ये नजारा कुछ वैसा हो है जैसे हमारे सौर मंडल का सबसे बड़ा ग्रह वृहस्पति सबसे छोटे ग्रह बुध की परिक्रमा करन लगे.

साइंस जर्नल में इसी हफ्ते छपी रिपोर्ट में स्पेन के स्पेस स्टडीज इंस्टीट्यूट के अंतरिक्ष भौतिक विज्ञानी जुआन कार्लोस मोरैल्स मानते हैं कि यह अंतरिक्ष की गतिविधियों को समझने के लिए हम अब तक जिन सिद्धांतों का इस्तेमाल करते रहे हैं ये तारा मंडल उसका अपवाद जरूर है.

जिस सितारे ने अपनी ताकत से धरती के अभी तक के सारे ज्ञान को सवालों के दायरे में खड़ा किया है उसका नाम है जीजे 3512 बी और वो हमारे सूरज के 12 वें हिस्से के बराबर है जबकि जो ग्रह इसका चक्कर लगा रहा है वो हमारे अपने वृहस्पति से लगभग आधे आकार है.

बहरहाल इस नई पहली को सुलझाने के लिए दुनिया भर के वैज्ञानिक अब  ग्रहों की गैसों और सितारों व ग्रहों के निर्माण की प्रक्रिया को नए सिरे से खंगाल रहे हैं क्योंकि हो सकता है कि इन दोनों के अजीब रिश्ते की कहानी वही कहीं छिपी हो.

 

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