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बैक फुट पर मोदी सरकार, निशंक ने वापस लिया शिक्षा नीति का ड्राफ्ट बिल

बैक फुट पर मोदी सरकार, निशंक ने वापस लिया शिक्षा नीति का ड्राफ्ट बिल

मोदी सरकार की  नई शिक्षा नीति के ड्राफ्ट बिल में हिन्दी को अनिवार्य बनाए जाने के फैसले के खिलाफ दक्षिणी भारत में पनपी नाराजगी को देखते हुए मोदी सरकार तुरंत बैक फुट पर आ गई और मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक  ने इस बिल को तत्काल प्रभाव से वापस लेते हुए कहा कि किसी पर भी हिन्दी थोपना सरकार की  मंशा नहीं है.

निशंक ने कि छात्र जो भाषा चाहें,  उसे पढ़ने के लिए वो आजाद हैं और किसी  भी भाषा को जरूरी नहीं बनाया जाएगा.

उन्होंने कहा कि ड्राफ्ट पर भी पुनर्विचार करके इसे फिर से जारी किया जाएगा.

उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर के कस्तूरीरंगन समिति ने बीते हफ्ते केंद्र सरकार को सौंपे अपने ड्राफ्ट में त्रिभाषा फार्मूले को लागू करने का सुझाव दिया था जिसमें कक्षा  8 तक हिंदी अनिवार्य करने को कहा गया  था जिसका दक्षिण भारत में विरोध शुरू हो  गया था.

केंद्रीय मंत्री निशंक ने कहा कि अब इस  मसौदे पर सभी सम्बन्धित पक्षों की राय लेकर ही सरकार आगे बढ़ेगी.

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