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अब मोदी का जवाबी हमला, राहुल गांधी को बेईमान साबित करने की कोशिशें

अब मोदी का जवाबी हमला, राहुल गांधी को बेईमान साबित करने की कोशिशें

राफेल को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के आरोपों और चौकीदार चोर जैसे आरोपों को लम्बे समय से झेल रहे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अब कहीं जाकर राहुल गांधी पर जवाबी हमला बोलते हुए उन्हें भी बेईमान साबित करने की कोशिश की है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने यूपी के प्रतापगढ़ में हुई चुनावी सभा में बोलते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने यूपीए शासन में अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके अपनी कम्पनी बैकआप्स के कारोबारी सहयोगी को रक्षा सौदे में ठेका दिलाकर मलाई काटी क्योंकि सरकार भी अपनी थी… दोस्त भी अपना था यानि मलाई का पूरा इंतजाम था.

इस जवाबी हमले में राहुल गांधी को घेरने की कवायद शुरु की भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने अपने एक ट्वीट से जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि जब मिडास टच यानि सिर्फ छूकर सोना बनाने वाले राहुल गांधी के लिए कोई भी डील मुश्किल नहीं खासकर जब दोस्त को कमवाने की बात हो भले देश को इसका खामियाजा भुगतना पड़े.

दरअसल राहुल गांधी पर जो आरोप लगाए जा रहे हैं उसके अनुसार उनकी लंदन की बैकाप्स कम्पनी में 2003 से 2009 तक उनके साथ इंग्लैण्ड के उलरिक मैकराइट पार्टनर और निदेेशक थे जबकि इसी कम्पनी की भारत शाखा में राहुल गांधी और उनकी बहन प्रियंका निदेशक थे.

आरोप है कि राहुल गांधी ने कांग्रेस के नेतृत्व वाली सरकार में अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके अपने इस साथी को मुम्बई के मझगांव डाक में बन रही फ्रांस और स्पेन द्वारा विकसित स्कारपीन पनडुब्बाी में आफसेट ठेका दिलाकर करोड़ो का फायदा पहुंचाया.

भाजपा के इन दोनों नेताओं के आरोपों से भी दो कदम आगे जाकर वित्त मंत्री अरुण जेटली ने तो सीधे सीधे राहुल गांधी को ही दलाल घोषित करके कहा कि 8 मई 2002 को भारत में एक कंपनी बनती है बैकऑप्स प्राइवेट लिमिटेड जिसकी एक ब्रांच लंदन में 21 अगस्त 2003 को खुलती है जिसमें राहुल गांधी का साथी एक मैकराइट है और ये कम्पनी कुछ बनाती है बल्कि इसके दोनों डायरेक्टर दलाली से कमाई करने में लग जाते हैं.

अरुण जेटली के अनुसार लंदन में राहुल गांधी और उनके विदेशी दोस्त का पता एक ही घर था और ये घर अजिताभ बच्चन और उनकी पत्नी का था.

जेटली ने कहा कि राहुल गांधी तो वो शख्स हैं जो रक्षा सौदों के दलाल बनना चाहते उनका पिछला इतिहास यही कहता है पर अब वो देश के प्रधानमंत्री बनना चाहते है पर उन्हें नहीं भूलना चाहिए कि ये देश कभी माफ नहीं करता और इसका उदाहरण उनके अपने घर में है जब मिस्टर क्लीन की छवि लेकर राजनीति में आए उनके पिता राजीव गांधी देश की सबसे बड़ी दलाली का आरोप लेकर इस दुनिया से विदा हुए.

उधर राहुल गांधी ने इन सारे आरोपो को खारिज करते हुए कहा है कि वो किसी भी तरहब की जांच के लिए तैयार हैं पर शर्त है कि उनकी जांच के साथ ही राफेल की भी निष्पक्ष जांच हो.

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