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यौन शोषण में मोदी के मंत्री भी फंसे और एक्टर आलोकनाथ भी

यौन शोषण में मोदी के मंत्री भी फंसे और एक्टर आलोकनाथ भी

देश में #MeToo कैंपेन का  का नया तूफान अब एक से एक  दिग्गजों को जैसे धराशाई करने पर उतर आया है और अब इसकी जद में मोदी सरकार के विदेश राज्य  मंत्री वरिष्ठ पत्रकार एमजे अकबर और बॉलीवुड के ‘संस्कारी बाबू ’ आलोक नाथ भी आ चुके हैं.

विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर के  खिलाफ पहले दो महिला पत्रकारों ने और फिर प्रिया रमानी  नाम की तीसरी पत्रकार ने बदसुलूकी के आरोप लगाए हैं  तो फिल्म और टीवी अभिनेता आलोक नाथ पर  एक निर्माता विंनीता नंदा यौन शोषण का आरोप लगाए है.

इससे पहले अभिनेत्री तनुश्री दत्ता ने नाना पाटेकर पर कंगना रनौत ने निर्देशक विकास बहल पर ऐसे ही आरोप लगा चुके हैे.

ताजा मामले में विदेश राज्य मंत्री एम जे अकबर पर आरोप लगाने वाली महिला पत्रकार ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि  सम्पादक रहते हुए अकबर ने  उसके साथ मुंबई के एक होटल में आपत्तिजनक हरकतें की थीं जबकि  शुमा राहा नाम की महिला ने ट्वीट किया है कि मौजूदा केंद्रीय मंत्री ने 1995 में ताज बंगाल होटल, कोलकाता में आपत्तिजनक आचरण किया था और इसके बाद तो कई महिलाएं इस तरह के आरोपों के साथ सामने आने लगी है.

प्रिया रमानी ने तो वोग पत्रिका में #MeToo कैंपेन  के तहत पूरा कॉलम लिखा है कि जिस समय यह सब हुआ तब वो  23 की थी और अकबर 43 के…. देश में सबसे कम उम्र में सम्पादक बने अकबर ने  साउथ मुंबई के होटल में  इंटरव्यू के लिए बुलाया था.

रमानी के अनुसार  ठीक  सात बजे लॉबी में पहुंचकर उन्होंने फोन किया तो इस सेलिब्रेटी एडिटर ने उन्हें ऊपर बुला लिया और  ड्रिकं अॅाफर की मना किया तो अकेले ही वोदका पी और फिर अपने बेड पर बैठने को कहा.

उनके अनुसार उस दिन वो बच गईं पर अश्लील संदेशों से नहीं बची और इतने सालों में आपका कद भले बहुत बढ़ गया हो पर अब  महिला पत्रकारों के  गुस्से से आप नहीं बचेगे और कई शिकायतें अभी और सामने आएंगी.

अमेरिका के एक सोशल एक्टिविस्ट द्वारा गढ़े गए इस मी टू शब्द का इस्तेमाल हालीवुड  की अभिनेत्री मिलानों ने करके जब से इसे हिट बनाया है दुनिया भर में महिलाएं इन दो शब्दों के सहारे अपनी कहानी कहने सामने आ रही हैं.

भारत में तो ये दो शब्द अब ताकतवर नेताओं को भी डराने लगे हैं  शायद इसीलिए भाजपा सांसद उदित राज ने इस मी टू कम्पेन को गैर जरुरी बताते हुए इस पर रोक लगाने की मांग की है तो दूसीर केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी इसका समर्थन कर रही हैं..

उदित  राज का कहना है कि दस साल बाद अगर कोई महिला आरोप लगाती है तो उसकी बात कैसे सच मानी जा सकती है.

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