Share
मोदी को खरी खोटी सुनाकर ममता बनर्जी का शपथ ग्रहण में आने से इंकार

मोदी को खरी खोटी सुनाकर ममता बनर्जी का शपथ ग्रहण में आने से इंकार

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर खूब खरी-खोटी सुनाते हुए पश्चिमी बंगाल की मुख्यमंत्री ममता  बनर्जी ने उनके शपथ  ग्रहण कार्यक्रम में आने से इंकार  कर दिया है.

ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री द्वारा शपथ ग्रहण में आने के न्योते को संवैधानिक न्योता कहते हुए कहा है कि इस लोकतंत्र  के  उत्सव का आप जिस तरह राजनैतिक इस्तेमाल कर रहे हैं वो शर्मनाक है, इसलिए मैं अब आपके  शपथ-ग्रहण कार्यक्रम में नहीं आऊंगी.

ममता बनर्जी ने पत्र में लिखा है कि पहले मैं संविधान और लोकतंत्र के तहत इस कार्यक्रम मे आने वाली थी पर अभी एक  घंटे पहले मुझे पता मीडिया रिपोर्ट्स से पता चला है कि आप इस कार्यक्रम में कथित तौर पर बंगाल की राजनीतिक  हिंसा का शिकार हुए भाजपा के उन 54 परिवारों के लोगों को भी बुला रहे हैं जो निहायत झूठा प्रचार है क्योंकि बंगाल में राजनीति के कारण किसी की जान नहीं गई है.

उनका कहना है कि हमारे रिकार्डों में जो लोग भी मरे हैं वो या तो निजी दुश्मनी या झगड़ों के कारण मरे हैं पर आपकी दिलचस्पी लोकतंत्र का सम्मानित करने की बजाए राजनीति करने की ज्यादा है.

उल्लेखनीय  है कि पश्चिमी  बंगाल के भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चे के नेता महासचिव कमाल हुसैन खान का यह बयान मीडिया में सुर्खियों में छाया हुआ है कि भाजपा ने मोदी के शपथ ग्रहण कार्यक्रम में 2018 के पंचायत चुनावों तृण मूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं के साथ हुई हिंसा में मरे तीन परिवारों के दो-दो सदस्यों को भी दिल्ली बुलाया है जिनके आने जाने का सारा खर्चा और टिकट वगैरह की व्यवस्था भी पार्टी ने ही की है.

ये तीन परिवार हैं बिपिन दास दातोन्का, मानू हंसदा और बहादुर मुमरू के जो ममता बनर्जी की पार्टी के  लोगों से मुकाबला करते हुए मरे थे.

इन्ही तीनों परिवारों को लेकर भावनात्मक प्रचार करके भाजपा स्थानीय निकाय चुनावों में बंगाल में ताकत के रूप में उभरी है.

Spread the love

Leave a Comment