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कर्नाटक का सियासी ड्रामाः भाजपा समर्थक14 और विधायक 2023 तक चुनाव लड़ने के अयोग्य

कर्नाटक का सियासी ड्रामाः भाजपा समर्थक14 और विधायक 2023 तक चुनाव लड़ने के अयोग्य

कर्नाटक में सियासी ड्रामा फिर पूरे शबाब पर है और एक ओर जहां राज्य की नई भाजपा सरकार के मुखिया येदियुरप्पा को कल यानि 29 जुलाई को बहुमत साबित करना है पर उनके खिलाफ एक बड़ा सियासी दांव चलते हुए विधानसभा अध्यक्ष के आर रमेश ने 14 और दलबदलू बागी विधायकों की सदस्यता रद्द करके उन्हें मौजूदा विधानसभा के पूरे कार्यकाल मे चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य घोषित कर दिया है.

कांग्रेस की इस तुरप चाल से कर्नाटक विधानसभा के कुल 17 विधायक सदन की सदस्यता के अयोग्य हो गए हैं क्योंकि विधानसभा अध्यक्ष पहले ही एक निर्दलीय सहित भाजपा के पाले में गए  तीन विधायकों को अयोग्य घोषित कर चुके हैं.

इस  तरह बहुमत के परीक्षण के समय सदन की कुल सदस्य संख्या घटकर 207 हो गई है जिसमें भाजपा को कम से कम 105 विधायकों का समर्थन चाहिए जो फिलहाल उसके पास हैं पर कांग्रेस खेमे से कुछ चमत्कार जैसी घटना किए जाने के दावे किये जा रहे हैं.

यही नहीं अगर कल के परीक्षण में भाजपा सदन में बहुमत साबित कर भी लेती है तो दो दिन बाद ही उसे 31 जुलाई को वित्त विधेयक पारित करवाना है जिसमें असफल रहने पर भी सरकार का बचना सम्भव नहीं होगा.

बहरहाल विधानसभा अध्यक्ष ने आज बंगलुरु में संवाददाता सम्मेलन करके ऐलान किया कि कल के बहुमत परीक्षण का संचालन और निगहबानी वे ही करेगे और आज उन्होंने कांग्रेस के आनंद सिंह, एमटीबी नागराज, बीसी पाटिल, प्रताप गौड़ा पाटिल, डॉ. सुधाकर, शिवराम हेब्बार, बैराठी बसवराज, मुनिरत्न, एसटी सोमशेखर, रोशन बेग और श्रीमंत पाटिल  और जेडीएस के  के. गोपालैया, नारायण गौड़ा, एएच विश्वनाथ की सदस्यता रद्द करके उन्हें 23 मई 2023 तक मौजूदा विधानसभा के पूरे कार्यकाल के दौरान चुनाव लड़ने के अयोग्य घोषित कर दिया है.

उधर भाजपा ने अपने पाले में आए विधायकों के राजनीतिक भविष्य पर संकट खड़ा करने वाले मौजूदा विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ सरकार बचाने के बाद अविश्वास लाने का फैसला किया है.

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