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योगी सरकार के लिए गले की हड्डी न बन जाए झांसी के पुष्पेन्द्र का एनकाउंटर

योगी सरकार के लिए गले की हड्डी न बन जाए झांसी के पुष्पेन्द्र का एनकाउंटर

झांसी के कथित खनन माफिया पुष्पेन्द्र यादव के एनकाउंटर ने समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव की दखल के बाद एक राजनीतिक विवाद का रुख ले लिया है जहां मारे गए युवक के घरवाले इसे हत्या करार देते हुए मारने वाले और शव को बिना परिवार की सहमति लिए जला देने के दोषियों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे है.

उल्लेखनीय है कि झांसी के करगुवां खुर्द इलाके के निवासी पुष्पेंद्र यादव को बीती शनिवार  रात  पुलिस ने एनकाउंटर  मे मार दिया और जब घरवालों ने  जिम्मेदार पुलिस इंस्पेक्टर धर्मेन्द्र चौहान पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने का दबाव बनाने के लिए शव लेने से इंकार किया तो रात में ही पुलिस ने खुद शव को जलाकर उसकी अंतिम संस्कार कर दिया.

पुलिस की कार्रवाई से झांसी के इस इलाके के लोगों में खासा उबाल है और आज जब सपा मुखिया अखिलेश यादव ने इस इलाके का दौरा करके पीड़ित परिवार से मुलाकात की तो लोगों ने सरकार और पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

वैसे सपा मुखिया ने यहां ऐलान किया कि वो इस मामले में हर स्तर पर पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने के लिए संघर्ष करेंंगे, वहींं उनकी पार्टी ने पहले से ही इसे योगी सरकार के खिलाफ एक मुद्दा बनाने की कोशिश शुरु कर दी है और इसे लेकर ही इलाके में जुलूस भी निकाला था जिसमें पुलिस ने हिंसा फैलाने के आरोप में इस पार्टी के चालीस के करीब नेताओं को गिरफ्तार कर लिया था.

पुलिस के अनुसार अवैध खनन से जुड़े पुष्पेन्द्र के पास दो ट्रक थे और इनमें से एक बालू भरे ट्रक को पुलिस ने जब पकड़ा तो उसने पुलिस पर हमला कर दिया और एक कार लेकर भागे जिसकी घेराबंदी की गई तो मुठभेड़ हुई जिसमें पुष्पेन्द्र मारा गया और उसके दो साथी भाग निकले.

पुष्पेन्द्र की शादी तीन महीने पहले ही हुई थी और उसकी पत्नी शिवांगी का भी कहना है कि पुलिस की पूरी कहानी फर्जी है और उसके पति ने गोली चलाई तो किसी भी पुलिस वाले को खरोंच तक नहीं आई पर उसे मार दिया गया.

बहरहाल विपक्ष घटना की हाईकोर्ट के किसी मौजूदा न्यायाधीश से जांच कराए जाने की मांग पर अड़ा है.

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