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चिराग तले अंधेराः अपना देश छोड़ने में भारतीय दुनिया मे अव्वल

चिराग तले अंधेराः अपना देश छोड़ने में भारतीय दुनिया मे अव्वल

भले ही मौजूदा सरकार देश से विदेशियों को बाहर निकालने की बात कर रही हो पर सच्चाई यह है कि अपना देश छोड़कर दूसरे देशों में बसने वालों में भारतीय पूरी दुनिया में सिरमौर हैं.

 

संयुक्त राष्ट्र  के  इंटरनेशनल ऑर्गेनाइजेशन फॉर माइग्रेशन की 2020 की वर्ल्ड माइग्रेशन रिपोर्ट  बताती है कि दुनिया में सबसे ज्यादा अपना देश छोड़कर दूसरे देशों में ठिकाना तलाशने वाले भारतीयों की संख्या एक साल में  1.75 करोड़ रही  जबकि दूसरे नंबर पर  मैक्सिको  रहा जहां के 1.18 करोड़ लोगों  ने देश छोड़ा और इस लिस्ट में  चीन तीसरे नम्बर पर है  जिसके 1.07 करोड़ लोग दूसरे देशों में  जा कर बसे.

रिपोर्ट में कहा गया है कि साल 2018 के अंत तक आपदाओं की वजह से विस्थापित हुए लगभग 16 लाख लोग अभी भी राहत कैंपों  में रह रहे हैं जबकि 2018 में भारत में सबसे अधिक 26.78 लाख लोग  मौसमी  आपदाओं के कारण  देश छोड़ने को मजबूर हुए.

रिपोर्ट बताती है कि अमेरिका प्रवासियों की पहली पसंद है और इसके बाद जर्मनी, सउदी अरब, रूस, ब्रिटेन, यूएई, फ्रांस, कनाडा और आस्ट्रेलिया का नंबर आता है।

इस  अध्ययन से यह भी पता चला है कि कमाई का एक हिस्सा यानी रेमिटेंस भेजने में भी भारतीय अव्वल हैं और 2018 में ही  भारतीय प्रवासियों ने  78.61 बिलियन डॉलर यानि लगभग 5 लाख करोड़ रुपए  अपने देश भेजे हैं जबकि 2005 में इस लिहाज से भारत की हैसियत दुनिया में तीसरी थी और तब कुल 22.13 बिलियन डॉलर ही दूसरे देशों से भारत में आए थे लेकिन  2010 से भारत इस मामले में दुनिया मे सिरमौर बन गया है.

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