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महात्मा गांधी के एतिहासिक पत्र की ब्रिटेन में आनलाइन नीलामी होगी

महात्मा गांधी के एतिहासिक पत्र की ब्रिटेन में आनलाइन नीलामी होगी

राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का तीन पन्नो का ब्रिटिश हुकूमत के अफसर को लिखा गया एक पत्र अगले हफ्ते ब्रिटेने में नीलाम होगा.
ऐतिहासिक रूप से अति महत्वपूर्ण माने गए इस पत्र के केवल बीस हजार डालर के आसपास की कीमत में आनलाइन नीलामी के द्वारा बिकने की सम्भावना है क्योंकि नीलाम करने वाली कम्पनी ने इसकी बेस कीमत ही दस से पंद्रह हजार पौंड रखी है.
टाइप किए गए इस पत्र के आखिल में महात्मा गांधी ने हसताक्षर की तरह अपना नाम एम के लिखा है.
यह पत्र उन्होंने ब्रितानी सरकार के भारत और बर्मा मामलों के सचिव लॉर्ड पैथिक लॉरेंस को 10 अक्टूबर 1946 को  तब  लिखा था जब  वो पुणे के  आगा खान पैलेस में नजरबंद थे.
पत्र में उन्होंने लिखा है कि अगर सरकार समझती है कि वो लोगों को भड़काने के जिम्मेदार हैं तो वो किसी भी जेल में पूरा जीवन काटने के लिए भी तैयार है पर उनके निर्दोष समर्थकों को तुरंत छोड़ा जाना चाहिए महज शक की बिना पर गिरफ्तार किया गया है और जो जेलों में भूख से मरने के भी करीब पहुंच रहे हैें.
पत्र में उन्होंने लिखा है कि उनको इस तरह नजरबंद रखकर जनता के धन का ब्रिटिश सरकार दुरुपयोग कर रही है और यही धन जनता की भलाई के काम में खर्च  किया जा सकता है.
पत्र को नीलाम करने वाली फर्म के मालिक के अनुसार उन्हे यह पत्र भारत के एक स्वतंत्रता सेनानी से मिला था.

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