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गुरु गोलवरकार ने धमकी दी और गोडसे ने गांधी को मार डाला

गुरु गोलवरकार ने धमकी दी और गोडसे ने गांधी को मार डाला

देश जब कल से राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की  डेढ़ सौवीं जयंती मनाने जा रहा हो तो इस मौके पर पद्म भूषण से सम्मानित इतिहासकार और लेखक ने राम चन्द्र गुहा ने महात्मा गांधी और राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के सम्बन्धों को लेकर एक बड़ा खुलासा किया है कि अपने जीवन के अंतिम दिनों में राष्ट्रपिता यह अच्छी तरह जान चुके थे संघ कुछ भी कहता रहे पर देश में मुस्लिम विरोधी माहौल के पीछे उसका ही हाथ है और इसके लिए वो किसी भी स्तर तक जा सकता है.

राम चन्द्र गुहा ने अंग्रेजी दैनिक टेलीग्राफ में कलेक्टेड वर्कस आफ महात्मा गांधी और अन्य दस्तावेजों के हवाले से लिखा है कि दिसम्बर 1947 के पहले सप्ताह में दिल्ली में  संघ की मीटिंग लेते हुए गुरु गोलवरकर ने साफ कहा था कि कोई ऐसी ताकत नहीं है जो मुसलमानों को भारत में रोक सके हालांकि महात्मा गांधी उन्हें देश में रोकना चाहते हैं ताकि अगले चुनावों में उनका वोट लिया जा सके पर हमारी चेतावनी है कि गांधी उन्हें गुमराह न करें नहीं तो हम उनके जैसे लोगों को खामोश करने की ताकत भी रखते हैं. लेकिन हम  हिन्दू विरोधी नहीं इसलिए किसी हिन्दू  को टारगेट करना  हमारा मकसद नहीं है.

जिस समय गुरु गोलवरकर ने अपने लोगो के बीच यह भाषण दिया है महात्मा गांधी भी दिल्ली में ही थे और इसके कुछ समय पहले 15 नवम्बर 1947 को कांग्रेस के एक सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस के हर कार्यकर्ता और नेता का यह फर्ज है कि उनसे जो हो सके वो करें ताकि जो मुसलमान इस देश में रह जाएं वो अपने आप को सुरक्षित महसूस करें और इसमें इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ना चाहिए पाकिस्तान में हिन्दुओं के साथ क्यो हो रहा है….. उन्होने यह भी कहा था कि हमें पता है कि संघ क्या कर रहा है और क्या सोचता है पर जनता की राय हजार तलवारोंं पर भारी पड़ती है.

इसके अगले दिन ही प्रार्थना सभा में उन्होंने कहा था कि हिन्दू उग्रवाद सेे न हिन्दुओं का भला होगा न सिखों का और रामचन्द्र गुहा के अनुसार बंगाल और दिल्ली में अपनी मौजूदगी भर से दंगा रुकवाने वाले गांधी जनवरी में पाकिस्तान में हो रही हिंसा से भी इतने परेशान थे कि वो जनवरी में वहां जाने वाले थे लेकिन उससे पहले ही एक प्रार्थना सभा में कभी संघ से नाता रखने वाले और गुरू गोलवरकर और सावरकर के बीच की कड़ी रहे नाथूराम गोडसे ने उन्हें अपनी पिस्तौल से निशाना बना लिया.

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