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भारत में भी आने वाला है हवाई टैक्सियों का दौर

भारत में भी आने वाला है हवाई टैक्सियों का दौर

भारत  में भी आने वाले समय  में लोग हवाई टैक्सियों में सफर का आनन्द ले सकेंगे और ऐसा ज्यादा नहीं पांच सालो के भीतर ही हो सकता है.

फिलहाल आईआईटी कानपुर में इस दिशा में काम करना शुरु किया है और  इसके लिए संस्थान ने निजी क्षेत्र के साथ मिलकर एक कम्पनी वीटीओल इंडिया लिमिटेड बनाई है जो देश में हवाई टैक्सियों के लिए प्राद्योगिकी का विकास करेगी.

इस नई बनी कम्पनी के साथ आईआईटी कानपुर ने 15 करोड़ रुपयों की लागत से करार किया है और अब जल्दी ही संस्थान में सौ से ज्यादा इंजीनियरिंग छात्र हवाई टैक्सियों पर काम करते मिल जाएंगे क्योंकि लक्ष्य अगले पांच सालों में  देश को हवाई टैक्सियों की तकनीक उपलब्घ कराना होगा.

दरअसल हवाई टैक्सियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण उस तकनीक का विकास है जिसमें कोई भी  विमान बिना रन वे एक ही जगह से हैलीकाप्टर की तरह ऊपर उठकर  हवाई सफर शुरु कर सके .

एक बार एक ही जगह से उड़ने और उतरने की तकनीक विकसित  करने के साथ ही उसका उपयोग टैक्सी के रुप  में करने की व्यवस्था भी बनानी  होगी.

वैसे तो हैलीकाप्टरों और द्रोन में उड़ान भरने और उतरने के लिए इसी  तकनीक का इस्तेमाल होता  है पर अभी बहुत मंहगी है और इसे टैक्सी में इस्तेमाल करने लायक सस्ता बनाना होगा.

सच्चाई यह भी है कि शहरों में लगातार बढ़ रही जनसंख्या और ट्रैफिक के दबाव और जाम को देखते हुए एयर टैक्सी ही सबसे बंहतर विकल्प हो सकती है और शायद इसीलिए ऊबर और ओला ने 2023 तक यूरोप के चुनिन्दा देशों में एयर टैक्सी चलाने के लिए अभी से काम करना शुरू कर दिया है.

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