Share
गजबः चुनाव आयोग चाहता है प्रचार में लोग गालियां बकते रहें

गजबः चुनाव आयोग चाहता है प्रचार में लोग गालियां बकते रहें

इस बार चुनाव आयोग या तो प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से जबरदस्त दबाव में है या फिर धृतराष्ट्र की तरह सही गलत का फर्क करने की समझ उसने खो दी है लेकिन जिस तरह उसने राजीव गांधी वाले पीएम मोदी के बयान को भी क्लीन चिट दे दी है उससे साफ है कि आयोग इस बात को कतई गलत नहीं मानता कि लोग चुनाव प्रचार में एक दूसरे को गालियां देते रहें.

उल्लेखनीय है कि चुनाव आयोग ने प्रधानमंत्री मोदी को अब उस आरोप के लिए भी न सिर्फ क्लीन चिट दे दी जिसमें उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को भ्रष्टाचारी नम्बर एक करार दिया बल्कि ये कहने तक की जरूरत नहीं समझी की नेताओं को चुनाव प्रचार की अंधी दौड़ में भाषाई मर्यादाएं इस हद तक नहीं तोड़नी चाहिए.

सच्चाई यह है कि इस देश के आम आदमी से भी अगर पूछा जाए तो कोई भी यह कहेगा कि अगर किसी के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप पिछली चौथाई सदी में भी कई सरकारों के प्रयास के बाद भी साबित नहीं हुए हों और वो मर चुका है तो कम से कम उस पर तो मनगढ़ंंत आरोप नहीं लगने चाहिए क्योंकि वो उनका जवाब देने के लिए मौजूद नहीं है.

लेकिन शायद पीएम नरेन्द्र मोदी भी पूर्व प्रधानमंत्री विश्वनाथ प्रताप सिंह की तरह कोई सुबूत न होने के बाद भी राजीव गांधी के कथित भ्रष्टाचार को चुनाव में भुनाना चाहते हैं और शायद वो वीपी सिंह की तरह कामयाब भी हो जाएं पर नेता एक दूसरे पर अनर्गल आरोप न लगाए इसकी जिम्मेदारी तो चुनाव आयोग की थी जो इस बार जबरदस्त फेल रहा है.

उल्लेखनीय है कि मोदी की तरह ही एक समय में वीपी सिंह भी अपनी सभाओं में यह नाटक किया करते थे कि बोफोर्स तोपों की दलाली का पैसा राजीव गांधी ने विदेश के जिस खाते में जमा किया है उसका नम्बर तो उनके कुर्ते की जेब में पड़ा है और जनता से पूछते थे कि निकालूं क्या पर पूरे चुनाव में उन्होंने कुर्ते से ये नम्बर निकाल कर जनता को बताया तो नहीं पर इस प्रचार ने उन्हें चुनाव जिता दिया और राजीव गांधी का राजनीतिक कैरियर बर्बाद कर दिया.

वो अलग बात है राजीव गांधी की मौत के 28 साल बाद भी कोई भी सरकार बोफोर्स में दलाली का आरोप साबित नहीं कर सकी है और दिल्ली हाईकोर्ट ने बाकायदा इन सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया.

इस बीच, दिल्ली विश्वविद्यालय के 200 से अधिक अध्यापकों ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टिप्पणी पर एक सार्वजनिक बयान जारी कर इसे अपमानजनक एवं असत्य बताया है।

Spread the love

Leave a Comment