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अयोध्या सुनवाईः सुप्रीम कोर्ट में ड्रामा, मुस्लिम पक्ष के वकील ने हिन्दू पक्ष के कागज फाड़े

सुप्रीम कोर्ट में पांच जजो की संवैधानिक पीठ के सामने चल रही सुनवाई में उस समय कोर्ट रूम में सनसनी फैल गई जब मुस्लिम पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन ने हिन्दू पक्ष द्वारा दिए गए कुछ दस्तावेज फिल्मी स्टाइल में नाटकीय ढंग से फाड़ दिए.

लंच से पहले की सुनवाई में हिन्दू महासभा के वकील विकास सिंह ने अपनी दलीलों के दौरान किताब अयोध्या रिविटेड का जिक्र करते हुए उसके कुछ पन्ने और उसमें छपे जन्म भूमि के नक्शे की प्रति पेश करना शुरु कर दिया  जिसका धवन ने जमकर विरोध किया और बाद में जब उन्होंने कोर्ट को सौंपे गए नक्शे समेत दस्तावेज धवन को दिए तो उन्होंने उसे फाड़ दिया.

इस पर यकायक कोर्ट रूम में हंगामे जैसा माहौल पैदा हो गया पर लंच के बाद इसकी सफाई देते हुए वकील धवन ने कहा कि  उन्होंने गैर जरूरी हिन्दू पक्ष के कागजात चीफ जस्टिस रंजन गोगोई की मर्जी से फाड़े हैं जिस पर बाद में चीफ जस्टिस ने भी सहमति में सिर हिलाया और कहा कि हांं मैने कहा था कि अगर आप इन कागजों को फाड़ना चाहते हैं तो फाड़ सकते हैं.

दरअसल  हिंदू महासभा के वकील अवकाशप्राप्त आईएएस किशोर कुणाल की किताब के जरिए ये साबित करना चाह रहे थे कि विवादित जमीन पर  राम मंदिर था जिसके बारे में  किताब के चैप्टर 24 में लिखा है कि जन्मस्थान के वायु कोण में रसोई थी,  दक्षिणी भाग में कुआं था और इन्ही दावों को लेकर एक नक्शा भी दिया गया था.

वैसे आज आखिरी दिन की सुनवाई में चीफ जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस एसए बोबडे. जस्टिस चन्द्रचूड़, जस्टिस अशोक भूषण और जस्टिस अब्दुल नजीर की पीठ ने सभी पक्षो को अपने समापन तर्क देने का समय दिया था और पूरी सुनवाई तय शुदा समय शाम पांच बजे से एक घंटे पहले ही पूरी हो गई.

अब पीठ ने सभी पक्षों को अगले तीन दिनों के भीतर लिखित सुबूत और दस्तावेज जमा करने को कहा है जिसके बाद शीर्ष अदालत बताएगी कि वो अपना रिजर्व फैसला कब सुनाएगी.

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