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लादेन को पकड़वाने वाले डाक्टर से दुश्मनी निकाल रहा है पाकिस्तान का

दुनिया के  सबसे खूंख्वार आतंकी अल कायदा प्रमुख  ओसामा बिन लादेन  को मारने में अमेरिका की मदद करने वाला पाकिस्तान डाक्टर शकील अफरीदी  आज भी पाकिस्तान की नजरों में दुश्मन नम्बर वन है जिसे 2011 से बिना किसी तरह का मुकदमा चलाए पाकिस्तान की गुमनाम सी रहने वाली लेकिन हाई सिक्योरिटी जेल मेंं सड़ाया जा रहा है.

हालत यह है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद कई मर्तबा और कई तरीकों से अमेरिका उस पर रहम करने की अपीलें पाकिस्तान से कर चुका है पर पाकिस्तान की नजरों में उसका गुनाह आज भी माफ किया जाने वाला नहीं है.

उल्लेखनीय है कि इस डाक्टर  ने फर्जी टीकाकरण अभियान चलाकर लादेन के पाकिस्तान के एबटाबाद में होने का पता लगाया  था और फिर उसकी  सूचना पर ही अमेरिका के स्पेशल नेवी सील  कमांडो  ने 2 मई 2011  को लादेन को गोलियों से भूनकर उसका काम तमाम कर दिया था.

अमेरिका की इस कार्रवाई में पाकिस्तान एक गोली तक  चलाने की हैसियत में नहीं रह गया था और न ही अंतर्राष्ट्रीय दबाव में पूरी दुनिया में कहीं भी अमेरिका की इस कार्रवाई का विरोध कर  सका था.

जिस डाक्टर ने अमेरिका को लादेन का पता दिया वह अमेरिकी खुफिया सूची में आज भी अमेरिका के सबसे बड़े दोस्तों की लिस्ट में शामिल है जबकि पाकिस्तान के लिए उससे बड़ा गद्दार कोई नहीं है.

अभी पिछले महीने ही पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी जब संयुक्त राष्ट्र महासभा की मीटिंग में शामिल होने न्यूयार्क गए थे उन्होंने माना था कि डा. अफ्रीदी पाकिस्तान का गद्दार है पर उन्होंने फाक्स न्यूज से यह भी कहा था कि अमेरिका के दबाव  में उनका देश उसे रियायत देने की सोचेगा.

पाकिस्तान में पंजाब के खैबर-पख्तूनिया की साहीवाल जेल में कैद इस डाक्टर पर ऐसा कोई मुकदमा नहीं है जो लादेन के होने की सूचना देने से जुड़ा है बल्कि पाकिस्तान ने उसपर लश्करे इस्लामी समेत चार आतंकी संगठनों को आर्थिक मदद देने के आरोप लगाए हैं जिसमें तीन मामलों में उसे दस-दस साल और एक मामले में तीन साल यानि कुल 33 साल  की सजा हुई है और इस फैसले के खिलाफ ऊपर की किसी अदालत में सुनवाई का कोई प्रावधान ही नहीं है.

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बीमार चल रहे इस डाक्टर को साबुन-तौलिया जैसी जरुरी चीजें तक नहीं दी जातीं  उसके भाई के अनुसार उसे नमाज पढ़ने के लिए चटाई भी परिवार नहीं दे सकता.

डाक्टर के वकील का कहना है कि न तो  उसे और न ही उसके परिवार कोे उससे मिलने की छूट दी जाती है पर अभी पख्तूनिया एसेम्बली में एक नया कानून बना है जिससे शायद अगले दो चार महीने बाद इस डाक्टर की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट मेंं अपील दायर की जा सके.

फिलहाल पंजाब की जिस जेल के पांच फीट लम्बी-चौड़ी सेल में वो कैद है वहां पांच स्तरों की सुरक्षा है और सेना की टुकड़ियां लगातार पहरेदारी करती रहती हैं

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