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सरकार बनने से पहले ही मध्य प्रदेश के 11 कांग्रेसी विधायक बागी

सरकार बनने से पहले ही मध्य प्रदेश के 11 कांग्रेसी विधायक बागी

मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार बनने से पहले ही कांग्रेस के 11 विधायकों ने बागी तेवर अपना लिए हैंं.

इन विधायकों का कहना है कि कमलनाथ के साथ ही मुख्यमंत्री पद के बराबर  के दावेदार ज्योतिरादित्य  सिंधिया को अगर मुख्यमंत्री नहीं बनया गया  तो उन्हें कम से  कम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की तो कुर्सी  सौंपी ही जाए.

इन विधायकों ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गाधी तक यह संदेश भी पहुंचा दिया है कि अगर सिंधिया को प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की  कुर्सी नहीं सौंपी गई तो सरकार के बहुमत परीक्षण के समय उसके खिलाफ भी मतदान कर सकते हैंं.

230 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के पास कुल 114 विधायक है जिससे इन विधायकोें के ये तेवर पार्टी के लिए नई मुसीबत भी पैदा कर सकते हैं वहीं कुछ जानकारों का कहना है कि इस तरह की बातें किसी तरह राज्य की राजनीति में सिंधिया के महत्व को बनाए रखने के लिए की जा रही है पर कांग्रेस  मेंं इस तरह के दबावों की राजनीति कभी अच्छी नहीं मानी जाती.

उधर यह भी सच है कि तीस  साल बाद अपने पिता माधव राव सिंधिया की तरह ही ज्योतिर्दित्य भी मुख्यमंत्री की कुर्सी के इतने करीब जाकर उसे हासिल  करने से चूके हैे.

उनके पिता माधव राव भी 1989 में चुरहट लाटरी कांड के बाद हुए चुनाव में राजीव गांधी के खासमखास होने के बाद भी ऐसे समय में मुख्यमंत्री की कुर्सी पाने से चूक गए थे जब यह तय था कि पिछले मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह की जगह किसी नए को मुख्यमंत्री बनाना है और हद से ज्यादा ही आश्वस्त माधव राव सिंधिया दिल्ली से आकर दो दिन तक भोपाल में रुके भी रहे है पर अर्जुन सिंह ने बड़ा उलटफेर करवाकर उनकी जगह मोती लाल वोरा को मुख्यमंत्री बनवा  दिया था.

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