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कांग्रेस मुक्त भारत तो गांधीजी का सपना थाः मोदी

कांग्रेस मुक्त भारत तो गांधीजी का सपना थाः मोदी

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर हुई बहस का जवाब देते हुए कहा कि कांग्रेस मुक्त भारत हमारा सपना नहीं था यह तो गांधीजी का सपना था और हम तो गांधीजी के सपने को ही पूरा करने का काम कर रहे हैं.

उन्होंने कहा कि लोकसभा में मंहगाई को लेकर विपक्ष ने जो कुछ कहा उसमें कोई सच्चाई नहीं है, सच्चाई तो यह है कि कांग्रेस पार्टी जब जब सत्ता में आती है तब तब मंहगाई बढ़ती है और यहां तक कि फिल्मों में भी मंहगाई को लेकर दो बार लाकप्रिय गाने बने दोनों बार कांग्रेस की सरकार थी- एक बार स्वर्गीय इंदिरा गांधी की सरकार थी तो दूसरी बार रिमोट कंट्रोल से चलने वाली मनमोहन सिंह की सरकार.

उन्होंने कहा कि सदन में विपक्ष के कुछ सदस्यों ने संवैधानिक संस्थाओं को बर्बाद करने के आरोप हम पर लगाए हैं पर यह तो उल्टा चोर कोतवाल को डांटे वाली बात हुई क्योंकि कुछ दल ऐसे हैं जो अपने को संविधान से ऊपर समझते हैं

उन्होंने कहा, “मोदी की आलोचना कीजिए, सरकार की नीतियों की आलोचना कीजिए लेकिन मत भूलिए आपातकाल लगाने वाले, सेनाध्यक्ष को गुंडा कहने वाला, चुनाव आयोग और न्यायपालिका पर सवाल उठाने वाले तथा पचास बार चुनी हुई सरकारों को गिराने वाले लोग कौन हैं तो हम पर संस्थाओं को बर्बाद करने का आरोप लगा रहे हैं.

राफेल डील पर आरोपों का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि एक-एक आरोप का जवाब रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण ने दे  दिया है,  सुप्रीम कोर्ट  भी  फैसला सुना चुका है पर कांग्रेस पार्टी नहीं चाहती कि देश की सेना मजबूत हो.

उन्होंने कहा कि जिनके  55 सालों के शासन में कोई भी रक्षा सौदा बिना  दलाली के नहीं हुआ  वे अब पारदर्शिता की बात कर रहे हैं फिर भी वो जिस आत्मविश्वास के साथ झूठ बोले जा रहे हैं वह काबिले तारीफ है भले कोई उस पर भरोसा करे या न करे.

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में महागठबंधन के नाम पर कुछ लोग मिलावट की राजनीति कर रहे हैं और ये वहीं लोग हैं जो कलकत्ता में तो साथ आते हैं पर केरल में एक दूसरे का मुंह नहीं देखना चाहते.. देश में मिलावटी सरकारे बहुत भोग चुका है और अब महामिलावटी सरकार तो कतई बर्दाश्त नहीं करेगा.

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