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वसुन्धरा राजे  के मुकाबले कांग्रेस ने जसवंत सिंह के बेटे को उतारा

वसुन्धरा राजे के मुकाबले कांग्रेस ने जसवंत सिंह के बेटे को उतारा

राजस्थान में  कांग्रेस ने मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के खिलाफ भाजपा के पूर्व विदेश मंत्री जसवंत सिंह के बेटे मानवेन्द्र सिंह को उतारा है ताकि वो भाजपा और राजे से अपने पिता के अपमान का बदला ले सकें.

दरअसल 1985 से अब तक कोई चुनाव न हारने वाली वसुंधरा राजे के लिए इस पर अपनी झलरापाटन सीट बचाना आसान नहीं होगा क्योंकि इस इलाके के राजपूत ग्वालियर  राजघराने की वारिस  से तमाम कारणों से खासे नाराज चल  रहे है.

कहा तो यह जा रहा है कि इस बार जितना मुश्किल चुनाव तो राजे ने अपने अब तक के राजनीतिक सफर में कभी नहीं देखा होगा और अब मानवेंद्र सिंह के सामने आ जाने से इस सीट पर दो पूरे देश की नजरें लगी रहेगी.

दरअसल मानवेंद्र सिंह ने खुद कांग्रेस से मुख्यमंत्री की सीट से चुनाव लड़ने की मांग की थी ताकि वो भाजपा नेतृत्व को बता सके कि पूरी जिन्दगी भाजपा के नाम करने वाले उनके पिता से आखिरी दिनों में मौजूदा नेतृत्व ने जो व्यवहार किया वो उसे कितना भारी भी पड़ सकता है.

जसवंत सिंह को मोदी-शाह की जोड़ी ने 2014 में लोकसभा का टिकट ही नहीं दिया था  और वो खुद निर्दलीय लड़े पर हार गए।

यही नहीं आखिरी दिनो में बीमारी झेलनेे के बाद भाजपा के मौजूदा नेतृत्व ने अपने इस कद्दावर नेता की सुध तक नहीं ली.

वैसे वसुंधरा राजे का रिकार्ड यह है कि 1985 में धौलपुर से पहली बार विधानसभा चुनाव जीतने के बाद वो 1989 से लगातार पांच बार लोकसभा चुनाव जीतीं और फिर  2003 से मुख्यमंत्री बनने के विधानसभा चुनाव जीतने के बाद उन्होंने अभी तक हार का स्वाद नहीं चखा है.

उनकी विधानसभा सीट पर आंकड़ो के लिहाज से कुल पड़े वोटों का आधा तक उन्हें ही जाता रहा है पर इस बार कहा जा रहा है कि मानवेद्र की दावेदारी शायद उनका गणित ही बिगाड़ दे.

वैसे मानवेंद्र सिंह भी राजनीति में नए नहीं हैं और अभी दो महीने पहले जब उन्होंने भाजपा छोड़ी तो वो विधानसभा के सदस्य थे.

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