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सीबीआई को अब नहीं दिखते भाजपा में मौजूद चिदम्बरम से बड़े भ्रष्टाचारी

सीबीआई को अब नहीं दिखते भाजपा में मौजूद चिदम्बरम से बड़े भ्रष्टाचारी

सीबीआई ठीक काम भी करती है पर अपने राजनीतिक आकाओं की इच्छा पर काम करना भी उसकी सबसे बड़ी मजबूरी है और ये वो सच है जिसे सत्ता में रहते हुए कोई राजनीतिक दल स्वीरार नहीं कर सकता .

भले ही ये जग जाहिर हो सीबीआई का राजनीतिक इस्तेमाल होता रहा है और तब तक होता रहेगा जबतक मौजूदा व्यवस्थाएंं बनी रहेगी और यह केंद्रीय एजेंसी सत्ता पक्ष  को पाक साफ और विपक्ष को दागदार साबित करने का अपना दायित्व ऐसे ही निभाती रहेगी.

ऐसा भी नहीं है कि चिदम्बरम जैसे दागदार सिर्फ कांग्रेस में है बल्कि सच्चाई तो ये है कि चिदम्बरम से बड़े दागदार भाजपा में हैं जिन्हें एक समय में भ्रष्टाचारी साबित करने की जल्दी यह जांच एजेंसी खुद दिखा चुकी है और तब भाजपाई उसी तरह का विलाप कर रही थी जैसा आज कांग्रेसी नेता कर रहे हैं पर आज केंद्र में भाजपा की सरकार है तो अब इन नेताओं के खिलाफ जांच जारी रखने में इस जांंच एजेंसी को कोई दिलचस्पी नहीं रह गई है.

भाजपा में ऐसा ही एक बड़ा नाम कर्नाटक के मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा का है जिनसे चिदम्बरम जैसे तमाम नेता कमाई करने के तौर तरीके सीख सकते हैं .

राजनीति के साथ साथ इस क्षेत्र में उनके कद का अंदाजा तो इस बात से लगाया जा सकता है कि इसी साल मार्च में उनके द्वारा शीर्ष भाजपा नेताओं को 18 सौ करोड़ का रकम देने का आरोप कारवां और अन्य समाचार पत्रों ने लगाए थे और वो भी इसलिए कि पार्टी उन्हें मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर स्वीकार कर ले.

आरोप तो ये भी लगाए गए थे कि उनकी एक डायरी जांच एजेंसियों के पास है जिसके हर पन्ने पर उनके दस्तखत है और उसमें साफ लिखा है कि मुख्यमंत्री का चेहरा बनने के लिए येदियुरप्पा ने 17-18 जनवरी 2009 को भाजपा की राष्ट्रीय समिति को एक हजार करोड़ और उसमें शामिल नेताओं को करोड़ो का भुगतान किया.

जिन्हे रकम दी गई उनमें वित्त मंत्री अरुण जेटली को 150 करोड़, परिवहन मंत्री नितिन गडकरी को 150 करोड़ , राजनाथ सिंह को 100 करोड़ रुपये दिए , लालकृष्ण आडवाणी और  मुरली मनोहर जोशी को 50-50 करोड़ रुपये  दिए गए.

  1. आरोपों के अनुसार येदियुरप्पा ने 250 करोड़ रुपये जजों  और 50 करोड़ मुकदमा लड़ने के लिए  वकीलों को भी दिए.

वैसे येदियुरप्पा पर भ्रष्टाचार के आरोप नए नहीं है पर इसका जिक्र करने पर वो भड़क जाते हैं जैसे पिछले चुनाव में ही वो कह बैठे कि अगर मैं 50 लाख की घड़ी  पहनता हूं तो ये किसी के बाप की नहीं है.

येदियुरप्पा अकेले नहीं है भाजपा में बेलारी के रेड्डी बंधु भी हैं जो साढ़े 16 हजार करोड़ के खनन घोटाले के मुल्जिम हैं पर उनके खिलाफ सीबीआई की जांच पिछले कर्नाटक चुनाव के पहले ही रोक दी गई जो अब तक रुकी हुई है और इसी तरह  कई सौ करोड़ के जलापूर्ति घोटाले के आरोपी असम के मौजूदा स्वास्थ्य मंत्री हेमंत विस्वा शरमा जब तक कांग्रेस में रहे महाभ्रष्टारी रहे और भाजपा ने उनके खिलाफ बुकलेट तक जारी करके मोर्चा खोल रखा था पर भाजपा में शामिल होने के बाद से उनके खिलाफ जांच बंद  हो चुकी है.

वैसे  ये फेहरिस्त काफी लम्बी है पर आरोपो प्रत्यारोपो से इतर यह हमारे देश की राजनीति को समझने में मददगार जरूर हो सकती है.

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