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भाजपा के ही दो मुख्यमंत्रियों ने नागरिकता संशोधन कानून का विरोध किया

भाजपा के ही दो मुख्यमंत्रियों ने नागरिकता संशोधन कानून का विरोध किया

भाजपा के ही दो मुख्यमंत्रियों ने केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात में मोदी सरकार द्वारा लोकसभा में पारित किए गए नागरिकता बिल का जमकर विरोध किया है.

ये दोनो मुख्यमंत्री हैं अरुणाचल के पेमा खांडू और मणिपुर के एन बीरेन दिंग और दोनों ने ही राजनाथ सिंह से सीधे हुई मुलाकात के बाद इस बिल को राज्यसभा में पारित न कराए जाने का अनुरोध केंद्रीय गृह मंत्री से किया है.

उल्लेखनीय है कि यह बिल लोकसभा से पारित होने के बाद राज्यसभा में लम्बित है और भाजपा इस बिल के जरिए विभाजन के समय गैर मुस्लिमों के साथ किए गए अत्याचारों को धोने की दलीलें दे रही है.

बिल में सरकार ने नागरिकता कानून में संशोधन के जरिए यह प्रावधान किया है कि भारत में पाकिस्तान, बांगलादेश, अफगानिस्तान से आए गैर मुस्लिमों यानि हिन्दू, सिख, ईसाई, जैन आदि को 12 साल की बजाए सात साल के निवास पर ही नागरिकता दे दी जाएगी जबकि  असम आंदोलन के समय केंद्र सरकार ने असम गण परिषद की अगुवाई में संघर्ष करने वाले आंदोलन कारियों से समझौता किया था कि 1971 के बाद देश में आए विदेशियों को चाहे वो जिस धर्म या जाति के हो देश से बाहर कर दिया जाएगा.

इस संशोधन के जरिए मोदी सरकार की नजर सीमांत राज्यों के बहुत बड़े गैर मुस्लिम वोट बैंक पर  है जिसके जरिए वो बंगाल, असम, मणिपुर में राजनीतिक समीकरण उलट-पलट कर देना चाहती है.

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