Share
रूस से मिसाइल डिफेंस सिस्टम की खरीद तय पर अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने की कोशिशें जारी

रूस से मिसाइल डिफेंस सिस्टम की खरीद तय पर अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने की कोशिशें जारी

भारत ने रूस के साथ उसके अति आधुनिक एस 400 ट्रायम्फ  मिसाइल एयर डिफेंस सिस्टम को खरीदने का सौदा तो लगभग फाइनल कर दिया है पर  अब  उन तरीकों को खोजा जा रहा है कि  जिससे इस डील को करने के बाद अमेरिकी प्रतिबंधों  की मार भी देश को न झेलनी पड़े.

उल्लेखनीय है चीन के बाद भारत ही ऐसा एशियाई देश है जो चार सौ किमी तक किसी भी  मिसाइल, जहाज और यहां तक ड्रोन को भी हवा में ही नष्ट कर  सकता है.

चीन को तो बाकायदा रुस ने इस मिसाइल डिफेंस सिस्टम की डिलीवरी भी शुरु कर दी है पर भारत और रुस के बीच इसे खरीदने के लिए बनी सहमति की औपचारिक घोषणा अक्टूबर 2018 में मोदी और पुतिन के बीच होने जा रही मुलाकात के समय किए जाने की सम्भावना है.

रूस के रक्षा विशेषज्ञों की मानें तो परिणाम अब चाहे जो हो पर भारत इस मिसाइल रक्षा  प्रणाली को  खरीदने के लिए लालायित है और इसी लिए नई दिल्ली की ओर से अमेरिका को आगाह भी किया जा चुका है कि अगर वह इस डील को लेकर भारत  पर कोई भी प्रतिबंध लगाता है तो वो  खुद भी एक बड़ा बाजार खो  देगा.

उल्लेखनीय है कि जनवरी 2018 में बने नए अमेरिकी कानून काउंटिग अमेरिकाज एडवर्सिरीज थ्रू सैक्शन्स के तहत राष्ट्रपति ट्रम्प के पास रूस  से किसी भी तरह की सैन्य या इंटेलिजेंस डील करने वाले  देशों पर प्रतिबंध थोपने का अधिकार है और अमेरिकी भारत के खिलाफ इस  कानून का इस्तेमाल कर सकता है.

यह अमेरिकी कानून रूस द्वारा अमेरिकी चुनावों को  प्रभावित करने के आरोपों के बाद  अस्तित्व में आया है.

कहा तो यह भी जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इसी मई माह में सोची जाकर रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करने का एक बड़ा एजेंडा इस डील को कुछ इस तरह  करना भी था  ताकि अमेरिका अपने इस नए कानून को अमल में न ला सके.

Spread the love

Leave a Comment