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भाजपा और कांग्रेस के साइबर-वार में चुराई जा रही है हमारी-आपकी निजी जानकारियां?

भाजपा और कांग्रेस के साइबर-वार में चुराई जा रही है हमारी-आपकी निजी जानकारियां?

भाजपा और कांग्रेस के साइबर-वार में चुराई तो नहीं जा रही है हमारी-आपकी निजी जानकारियां?

फेसबुक डेटा लीक के बाद से जिस तरह लगातार भाजपा और कांग्रेस एक दूसरे पर वोटरों की निजी जानकारियां चुराने के आरोप लगा रहे हैं उससे यह शक होना लाजिमी है भारतीय राजनीति में भी वोटरों की निजी जानकारियां चुराने और चुनाव में अपने तरीके से इसका इस्तेमाल करने का दौर लगता है शुरू हो चुका है.

किसी और पार्टी का तो नाम अभी नहीं आया है कि पर देश की इन दोनों पार्टियों के बीच भारतीय वोटरों की निजी जानकारियों को लेकर जिस तरह के आरोप-प्रत्यारोप लगाए जा रहे हैं उससे किसी को भी लग रहा सकता है कि भारत में चुनाव एक तरह के मिनी साइबर-वार का रूप ले चुके हैं.

उल्लेखनीय है कि सबसे पहले कांग्रेस ने भाजपा पर आरोप लगाया था कि प्रधानमंत्री का नरेन्द्र मोदी ऐप लोगों की निजी जानकारियां बिना उनकी जानकारी के देश से बाहर भेज रहा है.

ध्यान रहे गूगल प्ले-स्टोर में यह साफ लिखा है कि यह प्रधानमंत्री का ऐप नहीं बल्कि नरेन्द्र मोदी का अपना ऐप है जिसे डाउनलोड करके लोग पीएम के ब्लाग,मन की बात और सरकार की योजनाओं के साथ सीधे जुड़ सकते हैं और अब तक पचास लाख से ज्यादा लोग इस ऐप को डाउनलोड भी कर चुके हैं.

इसी ऐप को लेकर फ्रांस के एक साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञ ने अभी 23 मार्च को ही एलिएयट एंडरसन नाम से कई ट्वीट करके ऐप के रूट को डिकोड करके बताया है कि यह ऐप लोगों की जानकारियां अमेरिका में लोगों के व्यवहार का विश्लेषण करने वाली एक कम्पनी विज-राकेट को भेज रहा है जो दरअसल अमेरिकी की ही दूसरी कम्पनी क्लेवर-टैप की सहयोगी कम्पनी है और यहां से ये डेटा इनके मुम्बई स्थित सर्वर पर आते हैं जहां इनका अध्ययन किया जाता है.

ये एलियट एंडरसन वहीं हैं जिन्होंने फेसबुक डेटा लीक और कैम्ब्रिज एनालिटिका को लेकर आवाज उठाई थी.

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इस बारे में वेबसाइट क्वार्क इंडिया और एनडीटीवी का कहना है कि विज-राकेट कम्पनी तीन भारतीयों आनन्द जैन,सुनील थामस और सुरेश कोंडामुदी की है और इसके दफ्तर अमेरिका के कैलीफोर्निया और भारत में हैं पर ये दोनों ही कम्पनियां ई-मेल पर भी किसी और सवाल का जवाब नहीं दे रही हैं.

भाजपा के ऐप को लेकर इस खुलासे के बाद कांग्रेस ने अचानक प्ले-स्टोर से अपना ऐप 26 मार्च की दोपहर हटा दिया.

हालांकि एलियट ने ट्वीट करके कहा है कि कांग्रेस के इस ऐप को लेकर भी उनके पास कई दिलचस्प जानकारियां जिसे वो बताएंगे पर अभी उनके खुलासे का इंतजार है.

भाजपा का जरूर आरोप है कि कांग्रेस का यह ऐप भी लोगों की निजी जानकारियां सिंगापुर में किसी सर्वर को भेज रहा था जबकि कांग्रेस का कहना है कि नए सदस्य बनाने के लिए इस ऐप की जरुरत नहीं है इसलिए इसे हटाया गया.

 

 

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