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बलात्कार के बाद गुजरात में उत्तर भारतीयों पर हमले, दंगा

गुजरात में 14 महीने की मासूम से बलात्कार  के बाद अहमदाबाद, साबरमती, पाटन, मेहसाना, सबरकांथा आदि शहरों में अचानक दंगे भड़क उठे हैं और लोग चुन-चुनकर सिर्फ उत्तर भारतीयों खासकर उत्तर प्रदेश और बिहार के लोगों को इसलिए निशाना बना रहे हैं क्योंकि इस जघन्य कांड में पकड़ा गया एक आरोपी बिहार का है.

पुलिस महानिदेशक शिवानन्द झा ने माना कि सोशल मीडिया पर नफरत भरे संदेश फैलाए जाने पर एक खास तबके खासकर ठाकुरों ने अचानक उत्तर भारतीयों  पर हमला करना शुरु कर दिया.

अब तक  पुलिस ने बिना आधार लोगों को पीटने के सिलसिले में 180 लोगों को गिरफ्तार किया है पर अभी भी इन शहरों में माहौल खासा तनावपूर्ण है.

पुलिस के अनुसार सोशल मीडिया पर लगातार इस तरह के वीडियों शेयर किए गए जिसमें भीड़ गैर गुजरातियों को राज्य छोड़ने की धमकी देती दिख रही है.

इसी तरह की एक खबर सोशल मीडिया पर यह  फैलाई गई कि अरवल्ली जिले के एक गांव की फैक्ट्री में बड़ी संख्या में गैर गुजरातियों को नौकरी दी गई है और इसी का नतीजा है यह बलात्कार.

जिस फैक्ट्री को लेकर यह संदेश फैलाया गया उसके बाहर भी दो सौ  की भीड़ इकठ्ठा हो गई जिसे तितिर -बितर करने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज करना पड़ा.

उधर ठाकुर सेना के अध्यक्ष और कांग्रेस महासमिति के सचिव अल्पेश ठाकुर ने सरकार से 72 घंटे में निर्दोष ठाकुरों परसे मुकदमें वापस लेने की और नियमों के तहत हर फैक्ट्री और कम्पनी में अस्सी फीसद स्थानीय लोगों को  नौकरी देने की मांग की है.

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