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देश के भीतर स्वास्थ्य सेवाओं में असमानताओं की खाईं और गहरी हुई

देश के भीतर स्वास्थ्य सेवाओं में असमानताओं की खाईं और गहरी हुई

वैसे तो भारत  में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत बांगलादेश, श्री लंका और भूटान से भी खराब है पर उससे भी कहीं ज्यादा चिन्ता की बात यह है कि देश के भीतर भी इन सेवाओं के स्तर में जमीन आसमान का अंतर बनता जा रहा है.

मेडिकलल जर्नल लेन्सेट की ताजा रिपोर्ट में हेल्थ इंडेक्स के आंकड़े बताते हैं कि देश के भीतर छत्तीसगढ़, बिहार, उड़ीसा, उत्तर प्रदेश, असम आदि राज्यों में स्वास्थ्य सेवाएं पिछले डेढ़ दशक में अन्य राज्यों की तुलना में काफी पिछड़ चुकी है.

देश के भीतर स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से गोवा सबसे अच्छा राज्य है जिसके बाद केरल, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश आते हैं जबकि कई ऐसे राज्य भी हैं जहां जनसंख्या बढ़ने के बाद भी स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति जैसे ठहर सी गई है और इस लिहाज  से सबको मुफ्त पूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं देने की बात तो सिर्फ किताबी ही बन चुकी है.

जहां तक पूरे भारत में स्वास्थ्य सेवाओं की हालत है तो हमारी स्थिति तो कई गरीब माने जाने वाले अफ्रीकी देश सूडान, बोत्सवाना, नामीबिया, घना से भी बदतर है जबकि ब्रिक्स देशों में रुस और चीन में भी इन सेवाओं के स्तर में गिरावट आई है पर अभी भी वो हमसे कोसों आगे हैं.

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