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खुद के खिलाफ लिखी किताब की ब्रिकी  रुकवाने मे बाबा रामदेव को कामयाबी

खुद के खिलाफ लिखी किताब की ब्रिकी रुकवाने मे बाबा रामदेव को कामयाबी

दिल्ली उच्च न्यायालय ने बाबा रामदेव के खिलाफ लिखी गई किताब की ब्रिकी और प्रकाशन पर अंतरिम प्रतिबंध लगाते हुए प्रकाशक और लेखक से दो हफ्तों मे इस रोक पर अपना पक्ष रखने को कहा है.

कोई एक साल के शोध के बाद  लिखी प्रियंका नारायण की किताब ‘गॉडमन टू टाइकून : द अनटोल्ड स्टोरी ऑफ़ बाबा रामदेव’ पर बाबा ने अदालत में शिकायत दाखिल की थी यह किताब उनकी मर्जी के बिना उन पर लिखी गई है और इससे उनकी निजता के सिद्धांत का उल्लंघन होता है.

उल्लेखनीय है कि इस किताब में बाबा राम देव के योग गुरु से बिजनेस टायकून बनने की अंदर की कहानी का जिक्र करते हुए पतंजलि को लेकर भी तमाम चौंकाने वाले खुलासे किए गए हैं.

कोर्ट ने प्रकाशक  जगरनौट बुक्स को भी कहा है कि वे रामदेव द्वारा अतिरिक्त वरिष्ठ दीवानी जज के फैसले को दी गयी चुनौती पर अपना जवाब दाखिल करें.

इससे पहले भी बाबा रामदेव ने किताब के बाजार में आते ही इस पर निचली अदालत से रोक लगवा ली थी लेकिन पिछले दिनों दीवानी अदालत ने इस रोक को यह कहते हुए हटा लिया था कि बाबा रामदेव ऐसे शख्स हैं जिनके बारे में जानने की लोगों को इच्छा है और किताब की बिक्री इसका सुबूत है.

कोर्ट ने यह भी कहा था कि किताब को प्रतिबंधित करने के पक्ष में बाबा द्वारा दिए गए तथ्य नाकाफी हैं और अदालत के इसी फैसले के खिलाफ बाबा रामदेव दिल्ली उच्च न्यायालय आए हैं.

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