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केरल के सवा लाख बच्चों ने जाति-धर्म लिखना बंद किया

केरल के सवा लाख बच्चों ने जाति-धर्म लिखना बंद किया

देश में सबसे ज्यादा साक्षर लोगों वाले राज्य केरल के बच्चों ने एक बड़ा कदम उठाते हुए अपनी जाति-धर्म को बताना बंद कर दिया है.

इस प्रगतिशील राज्य में कक्षा एक से इंटर तक के कोई सवा लाख बच्चे हैं जिन्होंने अपने स्कूल के प्रवेश फार्म तक  में जाति-धर्म का कालम खाली छोड़ दिया है.

पूरे देश में जब समाज को हर स्तर पर जाति-धर्म के आधार पर बांटने की कोशिश की जा रही हो केरल के लोगों का यह काम निश्चितरूप से क्रांतिकारी ही कहा जाएगा.

वैसे इस समय केरल के प्रगतिशील लोगों में जाति धर्म को अपनी पहचान  से हटाने की जैसे फैशन सा शुरू हो चुका है और हर साल ऐसा करने वालों की संख्या बढ़ती जा  रही है.

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