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किस्मत  ने दिया नवजोत सिद्धू का साथ, अब बने रह सकेंगे पंजाब में मंत्री

किस्मत ने दिया नवजोत सिद्धू का साथ, अब बने रह सकेंगे पंजाब में मंत्री

किस्मत एक बार फिर बहुत बोलने वाले  नेता नवजोत सिंह सिद्धू पर मेहरबान हुई है और उन्हें सड़क गुंडई करके एक आदमी को मारने के कथित  मामले में अदालत ने मात्र एक हजार  रुपए का जुर्माना लगाकर उन्हें छोड़ दिया है.

तीस  साल पहले के इस मामले में सिद्धू पर 65 साल के एक शख्स को मारने का आरोप है और पंजाब उच्च न्यायालय उन्हें तीन साल की सजा भी सुना चुकी है,

खास बात तो यह है कि खुद पंजाब की जिस सरकार में सिद्धू मंत्री है उसने भी अदालत में अप्रैल में उन्हें गैर-इरादतन हत्या का दोषी बताते हुए सुप्रीम कोर्ट से उन्हें सजा देने की मांग की थी.

इतनी  विपरीत परिस्थितियों में भी सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस जे चेलमेश्वर और जस्टिस संजय किशन कौल की पीठ ने फैसला दिया कि किसी भी तरह साबित नहीं होती कि मरने वाले की मौत सिद्धू के गर्मागरम बहस के बाद मुक्का मारने से हुई है.

हालांकि पीठ ने अपना फैसला 18 अप्रैल को सुरक्षत्रित रख लिया था पर अगर शीर्ष अदालत उनकी तीन साल की सजा को बहाल रखता को तुरंत ही उनकी विधायकी तो जाती ही साथ ही सजा काटने के बाद वो छह साल तक चुनाव नहीं लड़ पाते.

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