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‘कलाकारों के लिए तीन घंटे नहीं हैं तो राष्ट्रपति न दे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार’

‘कलाकारों के लिए तीन घंटे नहीं हैं तो राष्ट्रपति न दे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार’

आज हो रहे राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह में पहली बार एक ऐसा विवाद हो रहा है जो अब से पहले कभी नहीं हुआ और इसी का नतीजा रहा कि साठ से ज्यादा विजेता समारोह में पहुंचे ही नहीं.

राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों से सम्मानित तमाम कलाकारों ने राष्ट्रपति को बाकायदा पत्र लिखकर इस बात पर ऐतराज किया है कि राष्ट्रपति 137 पुरस्कार विजेताओं में से सिर्फ 11 को पुरस्कार बांटेगे और बाकी को सम्मान पत्र और शील्ड सूचना प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी और सूचना राज्य मंत्री राज्यवर्द्धन सिंह राठौर द्वारा दी जाएगी.

इन कलाकारों का कहना है कि पिछले साठ सालों की परम्परा यही रही है कि सभी विजेताओं को राष्ट्रपति खुद सम्मानित करते हैं पर पहली बार ये बताया जा रहा है कि उनके पास कार्यक्रम के लिए एक घंटे से ज्यादा का समय नहीं है.

कलाकारों का कहना है कि ऐसी हालत में हमारे लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह से गैर-हाजिर होने के अलावा कोई चारा नहीं है.

उधर राष्ट्रपति भवन ने इस विवाद पर आश्चर्य जाहिर करते हुए कहा है कि सूचना प्रसारण मंत्री को एक हफ्ते पहले ही बता दिया गया था राष्ट्रपति किसी भी समारोह कार्यक्रम में केवल एक घंटे का ही समय देते हैं.

उल्लेखनीय है कि 65वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में श्रीदेवी को मरणोपरांत सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री और दिवंगत अभिनेता विनोद खन्ना को मरणोपरांत दादा साहेब फाल्के पुरस्कार दिया जाना है साथ ही  फिल्म ‘न्यूटन’ को सर्वश्रेष्ठ हिन्दी फिल्म का सम्मान मिलना है.

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