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कर्नाटक के रेड्डी बंधुः जिनके खिलाफ जांच से सीबीआई ने भी हाथ खड़े किए

कर्नाटक के रेड्डी बंधुः जिनके खिलाफ जांच से सीबीआई ने भी हाथ खड़े किए

यूं तो कर्नाटक में भाजपा और पीएम मोदी खुद भी कांग्रेस और भ्रष्टाचार को एक दूसरे का पर्याय बता रहे पर कांग्रेस के निशाने पर स्थानीय स्तर पर साढ़े तीन हजार करोड़ का खदान घोटाला करने के आरोपी रेड्डी बंधु है जिनके खिलाफ जांच करने से तो सीबीआई ने भी हाथ खड़े कर दिए थे.

मोदी सरकार बनने के बाद सीबीआई ने नवम्बर में ही मुख्यमंत्री सिद्धारमैय्या को बता दिया था कि अब वो रेड्डी बंधुओं के खिलाफ तकनीकि कारणों से जांच जारी नहीं रख सकते पर चुनावों तक भाजपा के खिलाफ भ्रष्टाचार की यह फाइल खुली रहे इसलिए मुख्यमंत्री ने तुरंत फैसला लेकर उनके खिलाफ राज्य की एसआईटी जांच शुरू करा दी थी.

खनन माफिया जी जनार्दन रेड्डी कर्नाटक में 2008 से 2013 तक बनी भाजपा की सरकार में शामिल रहे थे हालांकि जब उन  पर साढ़े 16 हजार करोड़ के खनन घोटाले के आरोप लगे तो पार्टी ने उनसे किनारा कर लिया था लेकिन उनके परिवार के तमाम लोग भाजपा मे सक्रिय रहे और इस बार के चुनाव में उनके परिवार के कम से कम सात लोग भाजपा के टिकट पर चुनाव मैदान में हैं.

रेड्डी पर आरोप है कि उन्होंने 2006 से 2011 के बीच कई करोड़ टन लोहा-अयस्क बेल्लारी से निकालकर अवैध तरीके तमिलनाडु, कर्नाटक, गोवा और आंध्र प्रदेश के नौ बंदरगाहों से विदेश भेज दिया.

यही नहीं विदेशी बेनामी कम्पनियां चलाने के दोषी का यह घपला तब पहली बार उजागर हुआ था जब  2010 में येदुरप्पा मुख्यमंत्री थे और तब कर्नाटक के लोकायुक्त ने सरकार को कम से कम 12 हजार करोड़ का चूना लगने की रिपोर्ट दी थी.

लोकायुक्त ने तो रेड्डी से सांठगांठ करके फायदा उठाने वाले कोई नौ सौ लोगों के नाम भी बताए थे और इसमें भाजपा के मुख्यमंत्री पद के प्रत्याशी येदुरप्पा का भी नाम शामिल था.

जर्नादन रेड्डी इस समय जमानत पर हैं पर अदालत ने उनके बेल्लारी जाने पर प्रतिबंध लगा रखा है.

कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सिद्धारमैय्या लगातार चुनाव सभाओं में पीएम से मांग कर रहे कि वो अपने इन भ्रष्टाचार के रत्नों पर कब बोलना शुरु करेंगे.

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