Share
आप नौकरी दे नहीं सकते, तो भीख मांगना भी अपराध नहीं- दिल्ली हाईकोर्ट

आप नौकरी दे नहीं सकते, तो भीख मांगना भी अपराध नहीं- दिल्ली हाईकोर्ट

दिल्ली हाईकोर्ट ने दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए महत्वपूर्ण  टिप्पणी की है कि जब सरकार लोगों को रोजगार और नौकरी दे ही नहीं पा रही तो भीख मांगने को गुनाह कैसे माना जा सकता है.

उल्लेखनीय है कि मौजूदा कानूनो के तहत भीख मांगना अपराध है और इसमें पहली बार दोषी पाए जाने पर तीन साल और उसके बाद फिर पकड़े जाने पर दस साल तक की सजा का प्रावधान है.

कर्णिका साहनी और  हर्ष मंदर द्वारा जारी दो जनहित याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा कि कोई भी व्यक्ति शौकिया भीख नहीं मांगता और हमें या आपकों कोई एक करोड़ रुपए भी दे तो हम भीख नहीं मांगेगे.

कोर्ट ने कहा कि यह जिन्दा रहने की मजबूरियां कि कोई शख्स भीख मांगता है और आप चाहते हैं कि हम ऐसा करने के लिए उसे जेल भेज दे.

याचिका में अदालत से भीख मांगने को अपराध की श्रेणी से बाहर करने और भिखारियों के लिए भी मानवीय सुविधाएं उपलब्ध  कराने के लिए सरकार को निर्देश देने की मांग की गई है.

सुनवाई के दौरान सरकार ने भी माना कि कोई भी भीख तो मजबूरी में ही मांगेगा और सरकार  ने अदालत को यह भी बताया कि सरकार ने 2016 में एक ड्राफ्ट बिल भी बनाया था जिसमें भीख मांगने को अपराध न मानने की बात शामिल थी.

Spread the love

Leave a Comment