Thursday, July 27 2017
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पहली बार किसी ब्रितानी सांसद ने ऋग्वेद की शपथ ली…..

पहली बार किसी ब्रितानी सांसद ने ऋग्वेद की शपथ ली.....

पहली बार किसी ब्रितानी सांसद ने ऋग्वेद की शपथ ली…..

प्रधानमंत्री की पिछले साल की ब्रिटेन यात्रा में मोदी-मोदी के नारे लगवाने में प्रमुख भूमिका निभाने वाले ब्रिटेन के सांसद जितेश गढ़िया ने इंग्लैंड की महारानी के प्रति वफादारी निभाने की शपथ ऋग्वेद पर हाथ रखकर ली.

ब्रिटेन के हाउस आफ लार्ड्स मे ४६ वर्षीय जितेश सबसे कम उम्र के सांसद है जबकि वहां सांसदों की औसत आयु ६९ वर्ष की है और वो वही खरबपति अमीर हैं जो २००४ में टीपू सुल्तान की तलवार खरीद कर भारत लाया था.

वैसे तो ब्रिटेन की संसद में बीस भारतीय मूल के सांसद हैं पर गुजरात से ताल्लुक रखने वाले जितेश किसी भी देश की संसद में ऋगवेद की पवित्रता को स्थापित करने वाले पहले व्यक्ति बन गए हैं.

उन्होंने जर्मन के विद्वान मैक्स मुलर द्वारा १९४९ में अनूदित ऋग्वेद की वह प्रति हाउस आफ लार्ड्स को भेंट कर दी जिस पर हाथ रखकर उन्होंने शपथ ली है.

उल्लेखनीय है कि आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी के जर्मन शिक्षक मैक्स मुलर ने ही पहली बार दुनिया का परिचय ऋग्वेद से करवाया था और ईस्ट इंडिया कम्पनी ने इस काम में उस समय नौ लाख रुपए देकर उनकी मदद की थी. बाद में वे स्वामी विवेकानन्द के सम्पर्क में भी तब आए थे जब वे १०९६ में लदन गए थे.

दरअसल ब्रितानी संसद इस बात की छूट देती है उसके सांसद महारानी के प्रति वफादारी की शपथ बाईबिल के अलावा भी किसी धर्म-ग्रन्थ पर हाथ रखकर ले सकते हैं.

जितेश के पूर्वज भारत से वैसे तो उगांडा गए थे पर जब वहां के तानाशाह ने हजारों की संख्या में एशियाई लोगों को देश निकाला दिया तो वो मात्र दो साल की उम्र मे ब्रिटेन आ गए और अब लम्बे समय से भारत और ब्रिटेन के बीच तमाम बार सेतु की भूमिका निभा चुके हैं.

जितेश ही वो शख्स हैं जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की इंग्लैंड यात्रा में वेंंबले स्टेडियम के लिए उनका भाषण लिखा था जिसपर मोदी-मोदी के नारों से स्टेडियम गूंज उठा था.

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  1. Ziggy Reply

    You write so honsetly about this. Thanks for sharing!

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