Thursday, July 27 2017
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इससे ज्यादा क्या बेइज्जती करता पाकिस्तान राजनाथ सिंह की…..

इससे ज्यादा क्या बेइज्जती करता पाकिस्तान राजनाथ सिंह की.....

इससे ज्यादा क्या बेइज्जती करता पाकिस्तान राजनाथ सिंह की…..

आखिरकार पाकिस्तान ने भारत के गृह मंत्री राजनाथ सिंह की बेइज्जती करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और इतना अपमानित किया कि उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ा और पड़ोसी का यह जज्बा तब है जब कल बुधवार को ही संयुक्त राष्ट्र ने उन्हें ऐसी खरी-खरी सुनाई कि उसे और कश्मीर के अलगाववादियों को अब अपनी दुकानें बंद कर लेनी चाहिए.

सार्क सम्मेलन में शामिल होने पाकिस्तान पहुंचे भारत सरकार में नम्बर दो की हैसियत रखने वाले राजनाथ सिंह को अपमानित करने की शुरुआत उस देश की धरती पर कदम रखते ही हो गई थी और ऐसा शायद पहली बार हुआ कि भारत के गृह मंत्री की आगवानी करने के लिए किसी मंत्री को हवाई अड्डे भेजने की बजाए पाकिस्तान ने उनके खिलाफ नारेबाजी करने के लिए उन लोगों को भेज दिया जो भारत की नजर में आतंकवाद के सिरमौर हैं.

यही नहीं सुरक्षा कारणों से राजनाथ को जमातुद दावा और लश्कर के इन कथित नारेबाजों के बीच जब हवाई अड्डे से अति सुरक्षित क्षेत्र में स्थित होटल तक पहुंचाया गया तो वहां भी उनके खिलाफ नारेबाजी करने के लिए हाफिज सईद औऱ सैय्यद सलाउद्दीन जैसे लोगों को आने की छूट दी गई.

खैर जैसे तैसे आज जब सम्मेलन शुरू हुआ तो पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ का भाषण तो रेडियों और टीवी पर प्रसारित किया गया पर राजनाथ सिंह जो कुछ भी बोले उसे न तो प्रसारित किया गया और न ही किसी भी देश के पत्रकार को उसे रिकार्ड करने की अनुमति दी गई.

यहां तक कि राजनाथ सिंह के साथ गए भारतीय मीडिया पर भी पाकिस्तान ने वही सारी बंदिशें थोप रखीं थीं जो राजनाथ सिंह पर थी.

सामान्यतया विदेशी अतिथि को मीडिया से बातचीत करने का मौका दिया जाता है पर पाकिस्तान ने एक तरह से भारतीय प्रतिनिधि को अपनी चुनी हई जगहों पर नजरबंदी की हालत में कैद रखा.

इतना अपमान सहने के बाद राजनाथ सिंह ने न तो पाकिस्तान द्वारा सार्क प्रतिनिधियों के सम्मान मे दिए गए भोज में भाग लिया और न ही वहां सम्मेलन में शामिल होने आए लोगों की औपचारिक विदाई तक वहां रुकना ठीक समझा और सीधे सामान समेटकर देश लौटना ही ठीक समझा.

पाकिस्तान का यह रवैय्या क्या पता संयुक्त राष्ट्र संघ से मिले झटके के बाद हो जिसमें उसकी और अलगाववादियों की तमाम पैरवी को धता बताते हुए किसी भी तीसरे की कश्मीर में दखलंदाजी को नाजायज कह दिया गया है.

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  1. RS Tomar Reply

    Modi Ji has failed in foreign policy.

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