Monday, August 21 2017
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अयोग्य घोषित होने के बाद नवाज शरीफ ने कुर्सी छोड़ी

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने आज पनामा गेट मामले सुप्रीम कोर्ट द्वारा आयोग्य घोषित किए जाने के बाद अपनी कुर्सी छोड़ दी है पर यह अभी भी साफ नहीं कि अगले साल होने जा रहे चुनावों तक पाकिस्तान का नेतृत्व अब कौन करेगा.

  अयोग्य घोषित होने के बाद नवाज शरीफ ने कुर्सी छोड़ी

अयोग्य घोषित होने के बाद नवाज शरीफ ने कुर्सी छोड़ी

बहरहाल जिस तरह आज बेइज्जत होकर नवाज शरीफ को कुर्सी छोड़नी पड़ी उसके बाद वो भी पांच साल का कार्यकाल पूरा करने वाले पाकिस्तान के पहले प्रधानमंत्री नहीं बन सके.

इस्लामाबाद में पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट के खचाखच भरे कोर्ट नम्बर एक में पांच जजों का बेंच ने एक मत से नवाज शरीफ को भ्रष्टाचार और संसद को धोखा देने का दोषी करार देते हुए उनके खिलाफ आपराधिक मामला चलाने के निर्देश दिए और कहा कि उन्हें अब कुर्सी पर बने रहने का कोई हक नहीं है.

पाकिस्तान की शीर्ष अदालत ने कहा कि राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो (नैब) छह महीने के भीतर इस मामले को निपटाए और संयुक्त जांच दल की नवाज और परिवार व साथी बरातियों के खिलाफ दी गई रिपोर्ट को पूरी गम्भीरता से लिया जाए.

सुप्रीम कोर्ट की पीठ में न्यायमूर्ति आसिफ सईद खोसा, न्यायमूर्ति एजाज अफजल खान, न्यायमूर्ति गुलजार अहमद और न्यायमूर्ति शेख अजमत सईद और न्यायमूर्ति एजाजुल अहसन शामिल हैं.

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के सबसे रसूखदार सियासी परिवार और सत्तारूढ़ पार्टी पीएमएल-एन के मुखिया नवाज शरीफ के परिवार की बेनामी सम्पत्तियों का खुलासा पिछले साल पनामा पेपर्स लीक मामले से हुआ था जिसमें पता चला था कि पुराने इस्पात कारोबारी नवाज शरीफ के पास लंदन में चार महंगे फ्लैट हैं तमाम बेनामी कम्पनियों में उनका पैसा लगा हुआ है.

नवाज शरीफ पहली बार 1990 से 1993 और फिर 1997 से 1999 में सेना प्रमुख परवेज मुशर्रफ के तख्तापलट तक और अब तीसरी बार देश के पीएम जिनका कार्यकाल अगले साल खत्म होने जा रहा था.

बहरहाल उनकी पार्टी ने एक बयान जारी करके कहा है कि अदालत चाहे जो कहे पार्टी नवाज को नेता मानती रहेगी, इसीलिए माना जा रहा है कि उनके भाई और पंजाब के सीएम शाहबाज शरीफ या फिर आंतरिक सुरक्षा मंत्री आसिफ ख्वाजा कार्यवाहक पीएम की जिम्मेदारी सम्भाल सकते हैं क्योकि दोनो ही नवाज शरीफ के काफी करीबी हैं.

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